'ईरान युद्ध खत्म करना डेमोक्रेट्स का एजेंडा': मध्यावधि चुनाव में जीत पर बोले चक शूमर, ट्रंप को लेकर क्या कहा?
अमेरिकी सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने बुधवार को कहा कि 2026 के मध्यावधि चुनाव में जीत मिलने के बाद उनकी पार्टी की सबसे बड़ी प्राथमिकता आम लोगों को महंगाई से राहत दिलाना और ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करना होगा। उन्होंने साफ कहा कि इसके लिए डेमोक्रेट्स राष्ट्रपतिडोनाल्ड ट्रम्प का साथ मिले या न मिले, अपना काम जारी रखेंगे। 'अमेरिकी जनता को राहत दिलाना हमारी पहली प्राथमिकता' कांग्रेस के दोनों सदनों में जीत की संभावनाओं के बीच पत्रकारों से बातचीत करते हुए शूमर ने कहा कि डेमोक्रेट्स के सामने सबसे बड़ा काम आम अमेरिकियों की आर्थिक परेशानियों को दूर करना और ट्रंप सरकार को उसके फैसलों के लिए जवाबदेह बनाना है। अमेरिकी जनता के लिए हमारे पास सिर्फ पांच शब्द हैं- 'राहत आ रही है।' शूमर ने बताया कि पिछली चुनावी हार के बाद भी उनकी पार्टी ने हिम्मत नहीं हारी और सीनेट में दोबारा बहुमत हासिल करने के लक्ष्य पर काम करती रही। पेट्रोल, राशन और बिजली के बढ़ते खर्च से परेशान परिवार शूमर ने कहा कि आज अमेरिका के आम परिवार बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं। लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने तक का संकट खड़ा हो रहा है। किसी को पेट्रोल भरवाने और बच्चों के खाने का सामान खरीदने में से एक चुनना पड़ रहा है, तो किसी के लिए इलाज और घर का बिजली बिल भरना मुश्किल हो रहा है। डेमोक्रेट्स का मकसद इन परेशानियों को कम करना है। इसके लिए पार्टी ट्रम्प के साथ मिलकर काम करने को तैयार है, लेकिन अगर राष्ट्रपति साथ नहीं देते हैं, तब भी वह पीछे नहीं हटेगी। मतदाताओं के मुद्दों पर ध्यान देने से मिली कामयाबी शूमर ने डेमोक्रेट्स की चुनावी बढ़त का श्रेय महंगाई, बढ़ते घरेलू खर्च और ट्रम्प प्रशासन में भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को बताया। उनके मुताबिक, पार्टी ने उन समस्याओं को चुनावी अभियान का हिस्सा बनाया, जिनसे आम लोग सीधे प्रभावित हो रहे थे। प्रतिनिधि सभा और सीनेट में पार्टी के नेताओं ने मिलकर रणनीति बनाई। ऐसे उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा गया, जो अपने राज्यों के लोगों की जरूरतों और परेशानियों को अच्छी तरह समझते थे। शूमर ने रिपब्लिकन पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह आम लोगों की जरूरतों को समझने में नाकाम रही। रिपब्लिकन नेताओं ने जनता के मुद्दों के बजाय ट्रम्प के राजनीतिक हितों को ज्यादा महत्व दिया। ईरान के साथ युद्ध खत्म करना चाहते हैं डेमोक्रेट्स घरेलू मुद्दों के साथ शूमर ने विदेश नीति पर भी ट्रम्प प्रशासन को घेरा। उन्होंने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को खत्म करने की मांग की और सवाल उठाया कि आखिर अमेरिका इस सैन्य कार्रवाई में किस मकसद से शामिल है। अमेरिकी जनता को यह तक नहीं पता कि हम ईरान में किसलिए लड़ रहे हैं। राष्ट्रपति ने कभी इसकी वजह साफ नहीं की। वह हर दिन अपना फैसला बदलते रहते हैं। यह युद्ध खत्म होना चाहिए और इसे खत्म करना ही होगा। संसद की ताकत से ट्रम्प पर बनाएंगे दबाव शूमर ने संकेत दिया कि डेमोक्रेट्स ईरान युद्ध को रोकने के लिए संसद में अपने अधिकारों का इस्तेमाल करेंगे। इसमें सरकार के सैन्य खर्च पर रोक लगाने या उसे सीमित करने जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई को खत्म करने के लिए कुछ रिपब्लिकन सांसद भी उनके साथ आ रहे हैं। शूमर ने अमेरिकी संविधान का हवाला देते हुए कहा कि संसद को सरकारी खर्च पर नियंत्रण का अधिकार इसलिए दिया गया है, ताकि कोई राष्ट्रपति जनता की सहमति के बिना देश को युद्ध में न झोंक सके। ट्रम्प के फैसलों की होगी जांच, जरूरत पड़ी तो कोर्ट जाएंगे शूमर ने यह भी साफ कर दिया कि अगर ट्रम्प ने कानून तोड़ा या जनता के हितों के खिलाफ कोई फैसला लिया, तो डेमोक्रेट्स चुप नहीं बैठेंगे। पार्टी ऐसे मामलों की जांच कराएगी, कानूनी कार्रवाई करेगी और संसद में भी सरकार को घेरने के लिए कदम उठाएगी। उन्होंने कहा, 'जब भी ट्रम्प अमेरिकी जनता की इच्छा या कानून की अनदेखी करेंगे, हम जांच शुरू करेंगे, उन्हें अदालत तक ले जाएंगे और विधायी स्तर पर भी कार्रवाई करेंगे।' बहुमत मिलने का मतलब जनता के प्रति जिम्मेदारी शूमर ने कहा कि चुनाव में जीत मिलने का मतलब यह नहीं है कि डेमोक्रेट्स को मनमानी करने का अधिकार मिल जाएगा। बल्कि यह जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि यह किसी एक नेता या पार्टी की बात नहीं है। असली सवाल यह है कि अमेरिकी जनता क्या चाहती है, उसे किस चीज की जरूरत है और उसकी जिंदगी बेहतर बनाने के लिए क्या किया जा सकता है। ये भी पढ़ें:गोलीबारी से दहला अमेरिका: फ्लोरिडा में सिटीबैंक के ऑफिस कॉम्प्लेक्स में फायरिंग, संदिग्ध समेत दो की मौत कांग्रेस के दोनों सदनों में वापसी से बदल सकता है सत्ता का समीकरण 2026 के मिडटर्म चुनावों को लेकर डेमोक्रेट्स की उम्मीदें बढ़ी हुई हैं। अमेरिकी मीडिया नेटवर्क के अनुमानों के मुताबिक, पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में फिर से बहुमत हासिल कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो वॉशिंगटन में राजनीतिक ताकत का संतुलन बदल जाएगा। प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलने पर डेमोक्रेट्स को ट्रम्प प्रशासन के फैसलों की जांच कराने और अधिकारियों को सुनवाई के लिए बुलाने की ताकत मिलेगी। वहीं, सीनेट में बहुमत मिलने से कानून बनाने और राष्ट्रपति की ओर से नियुक्त किए जाने वाले अधिकारियों व न्यायाधीशों के नामों पर भी पार्टी का प्रभाव बढ़ जाएगा।
#World #International #ChuckSchumer #DonaldTrump #2026UsMidtermElections #DemocraticParty #WarWithIran #Inflation #CostOfLiving #UsCongress #SenateElections #TrumpAdministration #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Nov 05, 2026, 02:07 IST
'ईरान युद्ध खत्म करना डेमोक्रेट्स का एजेंडा': मध्यावधि चुनाव में जीत पर बोले चक शूमर, ट्रंप को लेकर क्या कहा? #World #International #ChuckSchumer #DonaldTrump #2026UsMidtermElections #DemocraticParty #WarWithIran #Inflation #CostOfLiving #UsCongress #SenateElections #TrumpAdministration #VaranasiLiveNews
