Una News: चुनावी ड्यूटी की भेंट चढ़े शैक्षणिक सत्र के शुरुआती दिन, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित

ऊना। क्षेत्र में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत इस बार विद्यार्थियों के लिए उत्साह से अधिक परेशानी लेकर आई है। सरकारी विद्यालयों में अप्रैल से मई माह तक अधिकांश अध्यापक चुनावी ड्यूटी में व्यस्त रहे, जिसके चलते स्कूलों में पढ़ाई का क्रम बुरी तरह प्रभावित हुआ। अब जून माह में गर्मी की छुट्टियां शुरू होने वाली हैं, ऐसे में विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई लगभग डेढ़ से दो माह तक प्रभावित रहने की स्थिति बन गई है। इस हालात को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में जहां पढ़ाई लगातार बाधित रही, वहीं निजी विद्यालयों में बिना किसी रुकावट के नियमित कक्षाएं संचालित होती रहीं। यही कारण है कि कई अभिभावक मजबूरी में अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में कराने पर विचार कर रहे हैं।जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनाव प्रक्रिया के चलते सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को मतदान प्रशिक्षण, बूथ प्रबंधन, मतदाता जागरूकता अभियान और अन्य चुनावी जिम्मेदारियों में लगाया गया। अप्रैल से शुरू हुई यह व्यस्तता मई माह तक जारी रही। कई विद्यालयों में स्थिति यह रही कि एक साथ कई अध्यापक चुनावी ड्यूटी पर चले गए, जिससे कक्षाएं नियमित रूप से संचालित नहीं हो सकीं। विद्यालयों में कभी एक-दो पीरियड ही लग पाए तो कहीं विद्यार्थियों को केवल औपचारिक उपस्थिति दर्ज कराकर वापस भेज दिया गया। इससे नए सत्र की शुरुआत में ही बच्चों की पढ़ाई की नींव कमजोर पड़ गई।उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोमलाल धीमान ने बताया कि चुनावों में ड्यूटी और स्कूलों में छुट्टियों का फैसला सरकार व विभाग के दिशा निर्देश पर होता है। कहा कि भविष्य में इसमें कोई बदलाव किया जाता है, तो उसी अनुसार व्यवस्था तय की जाएगी।शुरुआती पढ़ाई प्रभावित होने से बढ़ी चिंताशिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए शैक्षणिक सत्र के शुरुआती दो-तीन महीने विद्यार्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इसी दौरान पाठ्यक्रम की आधारभूत तैयारी होती है और बच्चों में विषयों को लेकर समझ विकसित की जाती है लेकिन इस बार नियमित पढ़ाई नहीं होने से विद्यार्थियों का शैक्षणिक नुकसान होना तय माना जा रहा है। अभिभावकों में मनु बाला, रश्मिका, प्रेरणा, रमन कुमार, अमित सैनी, अजय शर्मा सहित अन्य ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को बार-बार गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगा दिया जाता है, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है। उनका कहना है कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए ताकि स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित न हो। एक अभिभावक ने कहा कि सरकारी स्कूलों में हर बार चुनाव, सर्वे और अन्य सरकारी कार्यों के कारण पढ़ाई बाधित होती है, जबकि निजी स्कूलों में नियमित पढ़ाई चलती रहती है। ऐसे में बच्चों के भविष्य को देखते हुए निजी स्कूलों की ओर रुख करना मजबूरी बनता जा रहा है।

#UnaNews #UnaTodayNews #UnaUpdate #News #Breaking #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: May 30, 2026, 00:01 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




Una News: चुनावी ड्यूटी की भेंट चढ़े शैक्षणिक सत्र के शुरुआती दिन, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित #UnaNews #UnaTodayNews #UnaUpdate #News #Breaking #VaranasiLiveNews