RPSC RAS Result 2024: डूंगरपुर के उमंग रावल की RAS में 18वीं रैंक, वागड़ की कई प्रतिभाओं का भी आरएएस में चयन

डूंगरपुर जिले के पादरड़ी बड़ी गांव के होनहार युवक उमंग रावल ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उमंग ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में ऑल ओवर 18वीं रैंक प्राप्त की है, जबकि ट्राइबल सब प्लान (TSP) श्रेणी में उन्हें तीसरा स्थान मिला है। इस उपलब्धि के बाद उनके परिवार, रिश्तेदारों और पूरे गांव में खुशी और गर्व का माहौल है। पहले भी RAS परीक्षा में रह चुके हैं सफल उमंग रावल की यह सफलता उनके लगातार प्रयास और मेहनत का परिणाम मानी जा रही है। इससे पहले वर्ष 2023 में आयोजित RAS परीक्षा में भी उन्होंने टीएसपी श्रेणी में 8वीं रैंक हासिल की थी। उस प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अधीनस्थ सेवा में समाज कल्याण अधिकारी, डूंगरपुर के पद पर नियुक्ति मिली थी। हाल ही में जॉइनिंग, अब नई सफलता से बढ़ी उपलब्धि खास बात यह है कि उमंग ने मात्र 12 दिन पहले ही जयपुर में समाज कल्याण अधिकारी के पद पर अपनी जॉइनिंग दी थी। अब नए परिणाम में बेहतर रैंक मिलने से उनकी उपलब्धियों में और इजाफा हुआ है। लगातार बेहतर प्रदर्शन ने उनकी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण को साबित किया है। उदयपुर में रहकर कर रहे हैं UPSC की तैयारी वर्तमान में उमंग रावल उदयपुर में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी कर रहे हैं। वे अब तक यूपीएससी परीक्षा में पांच बार प्रयास कर चुके हैं और आगे भी पूरी लगन के साथ प्रयास जारी रखने का संकल्प रखते हैं। परिवार के अनुसार, वे अंतिम प्रयास के रूप में फिर से पूरी तैयारी में जुटे हैं। शैक्षणिक रिकॉर्ड भी रहा उत्कृष्ट उमंग शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रहे हैं। उन्होंने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके बाद उन्होंने बीएससी (गणित) में 86 प्रतिशत अंकों के साथ सफलता प्राप्त की। उनका यह शैक्षणिक रिकॉर्ड उनकी मजबूत तैयारी और निरंतर मेहनत को दर्शाता है। शिक्षित परिवार से मिला सहयोग उमंग के पिता प्रवीण रावल कराड़ा सीनियर सेकेंडरी स्कूल में अंग्रेजी विषय के वरिष्ठ अध्यापक हैं। वहीं उनकी माता हर्षा रावल झाखरी स्कूल में पीटीआई के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षित परिवार से आने वाले उमंग को शुरू से ही पढ़ाई के लिए प्रेरणा और सहयोग मिलता रहा है। पढ़ें-RPSC RAS Result 2024:आरएएस परिणाम 2024 में किया टॉप; कौन हैं दिनेश बिश्नोई, कैसी रही इनकी पढ़ाई अनुशासन और समय प्रबंधन को दी प्राथमिकता उनके पिता का कहना है कि उमंग ने हमेशा अनुशासन और समय प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। वे अपने तय समय के अनुसार नियमित पढ़ाई करते हैं और लक्ष्य को लेकर पूरी तरह केंद्रित रहते हैं। यही आदतें उनकी सफलता की मजबूत नींव बनीं। वागड़ की कई प्रतिभाओं का आरएएस में चयन लक्ष्य निर्धारित हो। पढ़ाई के प्रति समर्पण, निरंतर प्रयास और कड़ी मेहनत की जाए तो सफलता निश्चित ही प्राप्त होती है। कुछ ऐसा ही वागड़ के बांसवाड़ा और डूंगरपुर की प्रतिभाओं ने आरएएस 2024 की परीक्षा में कर दिखाया है। बांसवाड़ा की शर्ली जैन ने पहले प्रयास में तो डूंगरपुर के भीलूड़ा की अमीषा पंचाल ने दूसरे प्रयास में सफलता प्राप्त कर अपने जिले को गौरवान्वित किया है। इन बेटियों ने मारी बाजी बांसवाड़ा के ओसवालवाड़ा निवासी शर्ली जैन ने टीएसपी क्षेत्र में 8वीं रैंक और ऑल राजस्थान में 94वीं रैंक प्राप्त की है। यूपीएससी मुख्य परीक्षा देने के अनुभव ने उन्हें पहले ही प्रयास में सफलता दिलाई। शर्ली ने कोचिंग के बजाय सेल्फ स्टडी पर विश्वास किया और नियमित 8 घंटे अध्ययन किया। उनके पिता शैलेश जैन ठेकेदार हैं। माता हिमा जैन गृहिणी हैं। सज्जनगढ़ की आकांक्षा पटेल ने आरएएस परीक्षा में लगातार दूसरी बार सफलता का परचम लहराया है। उन्होंने ऑल राजस्थान में 689वीं और टीएसपी में 24वीं रैंक प्राप्त की। आकांक्षा वर्तमान में अजमेर में प्रशिक्षु नायब तहसीलदार के रूप में कार्यरत हैं। पालोदा ठीकरिया की अंजलि जोशी ने 56वीं रैंक और टीएसपी में छठी रैंक हासिल की। महिला अभ्यर्थियों में वह राजस्थान में 18वें स्थान पर रही। किसान परिवार से रोहित तीसरे प्रयास में सफल किसान परिवार के बड़ोदिया निवासी रोहित सोलंकी ने टीएसपी में 15वीं और राजस्थान में 360वीं रैंक प्राप्त की है। रोहित के परिवार में पहले कोई सरकारी नौकरी में नहीं था। वे तीसरे प्रयास में आरएएस क्लियर कर पाए। वे 2020 में लैब असिस्टेंट बने और अभी पीएमश्री स्कूल बड़ोदिया में कार्यरत हैं। पढ़ें-RPSC RAS Result 2024:आरएएस की परीक्षा में जैसलमेर के वीरेंद्र चारण ने बढ़ाया मान, हासिल किया दूसरा स्थान इसी तरह सज्जनगढ़ तहसील के मोटापाड़ा निवासी रामलाल ने लगातार असफलताओं के बाद तीसरे प्रयास में टीएसपी में 8वीं रैंक प्राप्त की। रामलाल की सफलता से क्षेत्र में खुशी की लहर है। उनकी सफलता में बड़े भाई द्वितीय श्रेणी शिक्षक राजेंद्र डामोर का सहयोग रहा। जिले के आनंदपुरी क्षेत्र के नाहरपुरा गांव के आदित्यप्रताप सिंह ने भी कड़ी मेहनत के बाद आरएएस परीक्षा में सफलता पाई है। अमीषा समाज की पहली अधिकारी डूंगरपुर के भीलूड़ा गांव निवासी अमीषा पंचाल अपने समाज और गांव की पहली महिला आरएएस बनी हैं। उन्होंने पहले ही प्रयास में सफलता को चूमा है। उनके परिवार में भी सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाली पहली महिला हैं। उनका पूरा परिवार आयरन के बिजनेस में है और महिलाएं गृहिणी हैं। उनके गांव के विजयेश पंड्या राज्य प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं। सब इंस्पेक्टर भी चयनित जिले के आनंदपुरी निवासी हितार्थ कलाल ने राज्य में 135वीं और टीएसपी में 9वीं रैंक प्राप्त की है। वह वर्तमान में पुलिस उप निरीक्षक हैं। इसी तरह बांसवाड़ा पुलिस लाइन में तैनात सब इंस्पेक्टर रामसिंह गुर्जर ने 10वीं रैंक प्राप्त की है। वह मूलतः प्रतापगढ़ जिले के निवासी हैं।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Apr 18, 2026, 15:39 IST
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