दीपावली पर क्यों बनाए जाते हैं मिट्टी के घरौंदे? जानिए सेठ-सेठानी की मूर्तियों से जुड़ा यह अनोखा रहस्य

दीपावली के पावन पर्व पर घरौंदा बनाने और उसमें सेठ-सेठानी की प्रतिमाएं स्थापित करने का विशेष धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व है। मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में यह परंपरा सुख-समृद्धि, खुशहाली और पारिवारिक बरकत का प्रतीक मानी जाती है। जानिए इस सुंदर लोक परंपरा का महत्व, इसे बनाने का तरीका और इससे जुड़ी पूजा की रस्में। दीपावली केवल दीपों और आतिशबाजी का पर्व नहीं है, बल्कि यह लोक-संस्कृति और समृद्ध परंपराओं का संगम भी है। भारत के मध्य और उत्तरी राज्यों (जैसे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश) में दिवाली के अवसर पर 'घरौंदा' (मिट्टी का छोटा घर) बनाने और उसमें 'सेठ-सेठानी' की मूर्तियां स्थापित करने की एक बेहद सुंदर और अर्थपूर्ण परंपरा रही है।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 03, 2026, 08:58 IST
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