भक्ति और मंत्र जाप से दूर होते हैं कष्ट : सौम्य सागर

दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में श्री शांतिनाथ महामंडल विधान में 125 परिवारों ने की पूजासंवाद न्यूज एजेंसीहस्तिनापुर। श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर में चल रहे 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के 25वें दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने विधान में भाग लेकर पूजा-अर्चना की।विधान के दौरान शांतिधारा करने का सौभाग्य लवी जैन, सुनील जैन, मंजू जैन, मनी जैन, प्रवीण जैन, प्रियंक जैन और सुनीता जैन परिवार, को प्राप्त हुआ। तीर्थ क्षेत्र कमेटी सदस्य एवं विधान संयोजक विजय कुमार जैन ने तिलक और माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया। अपने मंगल प्रवचन में मुनि श्री 108 सौम्य सागर महाराज ने कहा कि दिगंबर मुनिराज समस्त परिग्रहों का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर चलते हैं। जिनेंद्र भगवान की भक्ति, णमोकार महामंत्र का जाप और जिनवाणी का स्मरण परम औषधि के समान है। इसके प्रभाव से मानसिक और शारीरिक कष्टों का निवारण होता है। उन्होंने श्रीपाल, आचार्य वादिराज, सनतकुमार चक्रवर्ती और धनंजय कवि के पुत्र से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख करते हुए जिनभक्ति की महिमा बताई।अनुष्ठान विधानाचार्य पं. आशीष जैन शास्त्री और दिलीप जैन शास्त्री ने कराया। 25वें दिन 120 परिवारों ने विधान का आयोजन कराया दूर-दूर आए सभी श्रद्धालुओं ने पाठ, पूजन और धार्मिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। संचालन में क्षेत्र अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश कुमार जैन सर्राफ, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, मंत्री राजीव जैन सहित अनेक पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं का सहयोग रहा। प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 13, 2026, 18:22 IST
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