प्रदूषण से बचाव: N95, N99 या सर्जिकल मास्क, प्रदूषण से बचने के लिए कौन-सा है बेहतर?

N95 Mask for Air Pollution:देश के कई शहरों में वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ सड़क पर सफर करना भी सेहत के लिए चुनौती बन सकता है। खासकर दिल्ली-NCR जैसे इलाकों में खराब एयर क्वालिटी के दौरान बाइक चलाने, बस या ऑटो से सफर करने और पैदल सड़क पार करने वाले लोगों को प्रदूषित हवा के संपर्क में आना पड़ता है। हवा में मौजूद PM2.5 जैसे बेहद छोटे कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं। इनके संपर्क में आने से खांसी, गले में जलन और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अस्थमा, हृदय रोग या फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रदूषण के दौरान हर बार N95 मास्क पहनना जरूरी है कौन-सा मास्क बेहतर सुरक्षा देता है और इसे खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, जब प्रदूषण ज्यादा हो और बाहर निकलना जरूरी हो, तब अच्छी फिटिंग वाला N95 रेस्पिरेटर हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों के संपर्क को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, मास्क प्रदूषण से पूरी सुरक्षा नहीं देता। इसलिए खराब एयर क्वालिटी में बाहर बिताया जाने वाला समय कम करना भी जरूरी है। सिर्फ महंगा मास्क खरीद लेना पर्याप्त नहीं है। उसका प्रमाणित होना, चेहरे पर सही तरह फिट होना और उसे सही तरीके से पहनना भी महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं कि सफर के दौरान N95 मास्क कब इस्तेमाल करना चाहिए और कौन-सा मास्क चुनना बेहतर रहता है। प्रदूषण ज्यादा होने पर कब पहनें N95 मास्क जब AQI बहुत खराब या गंभीर श्रेणी में हो और आपको काम, पढ़ाई या किसी जरूरी कारण से बाहर जाना पड़े, तो अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क उपयोगी हो सकता है। ट्रैफिक वाली सड़कों, निर्माण स्थलों और धूल-धुएं वाले इलाकों में इसका इस्तेमाल विशेष रूप से मददगार हो सकता है। हालांकि, संभव हो तो ऐसे इलाकों में जाने से बचें। N95, N99 और सर्जिकल मास्क में क्या अंतर है N95 रेस्पिरेटर निर्धारित परीक्षण परिस्थितियों में कम से कम 95 प्रतिशत वायुजनित कणों को फिल्टर करने के लिए बनाया जाता है। N99 का निर्धारित कण-फिल्ट्रेशन स्तर कम से कम 99 प्रतिशत है। लेकिन वास्तविक सुरक्षा मास्क की फिटिंग और सही इस्तेमाल पर भी निर्भर करती है। सर्जिकल मास्क और कपड़े के सामान्य मास्क चेहरे पर अक्सर ढीले रहते हैं, इसलिए वे PM2.5 जैसे सूक्ष्म कणों से बचाव के लिए बेहतर विकल्प नहीं हैं। मास्क खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान ऐसा N95 चुनें जो विश्वसनीय निर्माता का हो और जिस पर संबंधित मानक तथा प्रमाणन की स्पष्ट जानकारी हो। नकली या केवल N95 लिखा हुआ मास्क खरीदने से बचें। मास्क आपकी नाक, मुंह और ठुड्डी को ढकना चाहिए और किनारों से हवा का रिसाव नहीं होना चाहिए। मास्क पहनने का सही तरीका जानें मास्क पहनने से पहले हाथ साफ करें। नाक के ऊपर लगी क्लिप को अपने चेहरे के अनुसार फिट करें और स्ट्रैप सही तरह लगाएं। हर बार पहनने पर जांचें कि किनारों से हवा लीक तो नहीं हो रही। दाढ़ी या चेहरे के आकार के कारण सही सील नहीं बनती, तो सुरक्षा कम हो सकती है। क्या N95 सभी प्रदूषकों से बचाता है जवाब है नहीं। N95 मुख्य रूप से हवा में मौजूद कणों को फिल्टर करता है, लेकिन यह सभी हानिकारक गैसों और वाष्प से सुरक्षा नहीं देता। इसलिए इसे पहनकर भी लंबे समय तक प्रदूषित वातावरण में रहने से बचें। AQI खराब होने पर बाहर की गतिविधियां कम करना ज्यादा महत्वपूर्ण है। मास्क कब बदलना चाहिए डिस्पोजेबल N95 मास्क गीला, गंदा, क्षतिग्रस्त या ढीला हो जाए, तो उसे बदल दें। निर्माता के निर्देशों का पालन करें। इसे धोकर दोबारा इस्तेमाल न करें, जब तक निर्माता विशेष रूप से ऐसा करने की अनुमति न देता हो। सांस के मरीज रखें विशेष सावधानी अस्थमा, हृदय या फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों को N95 पहनने से सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लें। सांस ज्यादा फूलने, सीने में जकड़न या चक्कर आने पर सुरक्षित जगह जाएं और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 28, 2026, 07:02 IST
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