कांग्रेस की महारैली: दक्षिण भारत से भी दिल्ली पहुंचे समर्थक-कार्यकर्ता, विविधता की बानगी बना रामलीला मैदान
रामलीला मैदान में रविवार को कांग्रेस की महारैली दूर-दूर से भारी संख्या में समर्थक पहुंचे। रैली में केवल दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत, मध्य भारत और देश के लगभग सभी राज्यों के कांग्रेस कार्यकर्ता आए थे। इस तरह रामलीला मैदान में अलग-अलगभाषाओं, पहनावों और नारों की झलक देेखने को मिली। रैली के लिए रामलीला मैदान का आधा हिस्सा निर्धारित किया गया था, लेकिन तय क्षेत्र पूरी तरह खचाखच भर गया। मैदान के अंदर जगह न मिलने के कारण हजारों कार्यकर्ता आसपास की सड़कों पर ही जमा होते रहे। दिल्ली गेट, अजमेरी गेट, पहाड़गंज और आईटीओ की ओर जाने वाले रास्तों पर सुबह से ही कांग्रेस समर्थकों की भीड़ दिखने लगी थी। जितने लोग मैदान के भीतर थे, लगभग उतने ही बाहर सड़कों पर रैली शुरू होने का इंतजार करते नजर आए। दिलचस्प बात यह रही कि अब तक रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की बड़ी रैलियों में हरियाणा की विशेष भूमिका साफ नजर आती थी। आमतौर पर हरियाणा से आने वाले कांग्रेस कार्यकर्ता गुलाबी रंग की पगड़ी पहनकर अपनी अलग पहचान बनाते थे। इस बार महारैली में ऐसा नजारा देखने को नहीं मिला। हरियाणा के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जरूर मौजूद थे, लेकिन वे किसी खास रंग या प्रतीक के बजाय कांग्रेस के झंडों और नारों के साथ नजर आए। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस रैली में क्षेत्रीय पहचान से ज्यादा राष्ट्रीय मुद्दे और साझा राजनीतिक संदेश को प्राथमिकता दी गई। शायद यही वजह रही कि अलग-अलग राज्यों से आए कार्यकर्ता अपनी क्षेत्रीय पहचान के बजाय एक साझा मंच और एक ही मुद्दे वोट चोरी और लोकतंत्र की रक्षा के साथ खड़े दिखाई दिए। रैली में दक्षिण भारत से आए कार्यकर्ताओं की मौजूदगी भी खास रही। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना से पहुंचे कार्यकर्ता अपने पारंपरिक पहनावे और भाषाई नारों के साथ दिखे। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कांग्रेस कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। रामलीला मैदान में रैली, मेट्रो में बढ़ी भीड़ रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली की वजह से रविवार दोपहर नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर भीड़ बेकाबू हो गई। भीड़ को काबू करने के लिए मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। रैली की वजह से रामलीला मैदान और नई दिल्ली रेलवे के आसपास सार्वजनिक वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी थी। इस कारण रैली में आने वाले लोगों ने एक मात्र सहारा मेट्रो को चुना। रामलीला मैदान के पास ही नई दिल्ली रेलवे स्टेशन स्थित है। रविवार को रैली को देखते हुए दिल्ली यातायात पुलिस ने रामलीला मैदान की ओर आने वाले मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी थी। ट्रेनों के जरिए आने वाले यात्रियों के पास सामान भी था। दोपहर में ट्रेन से आने वाले यात्री सीधा मेट्रो स्टेशन में घुसे। साथ ही रैली में शामिल होने वाले लोगों के मेट्रो स्टेशन पहुंचने से वहां अफरा-तफरी का माहौल हो गया। प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच और लोगों के सामान की वजह से वहां धक्का मुक्की होने लगी। सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ की टीम तुरंत हरकत में आई और लोगों को एक लाइन में लगाया। असर दिल्ली की सड़कों पर, कई क्षेत्रों में लगा जाम कांग्रेस की रामलीला मैदान में महारैली का असर दिल्ली की सड़कों पर देखने को मिला। रामलीला मैदान के आसपास के मार्गों पर वाहनों की आवाजाही पर रोक की वजह से कई इलाके में जाम का सामना करना पड़ा। रैली में शामिल होने के लिए रविवार सुबह से ही कार्यकर्ता रामलीला की भीड़ उमड़ पड़ी। दिल्ली के बाहर से आए कार्यकर्ता आयोजन स्थल के आसपास ही अपने वाहनों को पार्क कर दिया। इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। कई जगहों पर डबल और ट्रिपल पार्किंग देखने को मिली। ईवीएम पर कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा का पलटवार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने कांग्रेस की एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर आयोजित रैली पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए आपत्तिजनक नारों की भाजपा कड़ी निंदा करती है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। वीरेन्द्र सचदेवा ने कहा कि कांग्रेस की यह रैली न केवल राजनीतिक मर्यादाओं के खिलाफ थी, बल्कि जनता के लोकतांत्रिक जनादेश का भी अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार जैसे राज्यों में चुनावी हार के बाद लगातार ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर रही है, जो लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेता लंबे समय से ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। अब जब केरल में स्थानीय निकाय चुनाव उन्हीं ईवीएम के जरिए हुए और वहां कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन जीत हासिल करता है, तो कांग्रेस को देश के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। सचदेवा ने कहा कि देश की जनता अब इस विरोधाभास पर कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया जानना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव हारने पर ईवीएम को दोष देती है और जीतने पर उसी प्रक्रिया को स्वीकार कर लेती है, जो दोहरे मापदंड को दर्शाता है। दिल्ली में वोट चोरी पर कांग्रेस चुप क्यों : सौरभ भारद्वाज आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने लोकतंत्र को मजबूत करने और जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कांग्रेस के प्रयासों का स्वागत करते हुए दिल्ली में कथित वोट चोरी के मुद्दे पर उसकी चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं।उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सचमुच लोकतंत्र की रक्षा को लेकर गंभीर है तो उसे दिल्ली में हुई वोट चोरी पर भी मजबूती से आवाज उठानी चाहिए। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी वोट चोरी और चुनावी धांधली को लेकर रैली कर रहे हैं, लेकिन जब एक साल पहले दिल्ली में वोट चोरी का मुद्दा सामने आया था, तब कांग्रेस कहां थी।उन्होंने कहा कि उस समय आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, राज्यसभा सांसद संजय सिंह समेत पार्टी के कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से वोट चोरी के सबूत पेश किए थे। कांग्रेस ने न तो समर्थन किया और न ही कोई आंदोलन खड़ा किया।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Dec 15, 2025, 03:39 IST
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