पंजाब में दो सर्वों में उलझी कांग्रेस: सता रही गुटबाजी की आशंका, अब पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

कांग्रेस हाईकमान पंजाब में पार्टी की वर्तमान स्थिति और चुनाव से पहले आई दो सर्वेक्षण रिपोर्टों से उलझा है। हाईकमान विधानसभा चुनाव से पूर्व कमजोर कड़ियों को सुधारना चाहता है। पार्टी को सूबे में फिर से गुटबाजी बढ़ने की आशंका भी सता रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी से चर्चा के बाद तीन पर्यवेक्षकों का एक दल पंजाब भेजा है। अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव इस दल में शामिल हैं। ये तीनों वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं। हाईकमान इन पर्यवेक्षकों के माध्यम से पार्टी की वर्तमान स्थिति से जुड़े संदेह दूर करना चाहता है। यह संदेह कांग्रेसी नेताओं की गुटबाजी से संबंधित है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष को बदलना है या नहीं, यह भी एक बड़ा मुद्दा है। सर्वेक्षण रिपोर्टों में विरोधाभास ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सर्वेक्षण में पार्टी को सरकार बनाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सर्वेक्षण में आसानी से सरकार बन रही है। एआईसीसी का सर्वेक्षण प्रदेशाध्यक्ष बदलने की बात कहता है जबकि पीपीसीसी का सर्वेक्षण मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का सुझाव देता है। नए प्रदेशाध्यक्ष के लिए आठ बड़े कांग्रेसी नेताओं के नाम भी हाईकमान के सामने हैं। इसके लिए सभी नेता पैरवी कर रहे हैं। पर्यवेक्षकों का कार्य हाईकमान को चुनाव से ठीक पहले नेताओं में मनभेद और गुटबाजी पनपने की आशंका है। इसी उलझन के चलते तीन वरिष्ठ नेताओं को पंजाब भेजा गया है। पर्यवेक्षक सूबे के सभी जिलों में जाएंगे। वे कार्यकर्ताओं, ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तरीय नेताओं से बात करेंगे। वे मतदाताओं के बीच कांग्रेस के प्रति प्रतिक्रिया भी जानेंगे। आगामी चुनाव की तैयारियों का जमीनी आकलन कर गोपनीय रिपोर्ट खरगे और राहुल गांधी को सौंपेंगे।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 13, 2026, 04:16 IST
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