संकट पहली बार नहीं: कांग्रेस ने सोना रखना ही घोषित कर दिया था अपराध, देशभक्ति का दिया था हवाला
पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर नागरिकों से संयम बरतने की पीएम मोदी की अपील का मजाक उड़ा रहीं कांग्रेस ने देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद होने की घोषणा तक कर डाली। मगर, सत्ता में रहने के दौरान कांग्रेस की सरकारों ने तो सोना रखना ही अपराध घोषित कर दिया था। देशभक्ति का हवाला देकर नागरिकों से गहने दान करने, अनाज त्यागने और सोमवार को उपवास करने तक को कहा था। कांग्रेस की सरकारों के समय उठाए गए ऐसे ही कुछ कदमों पर एक नजर सोना : नेहरू बोले-दान करें, चिदंबरम ने नहीं खरीदने की अपील की 1962 : चीन से युद्ध के दौरान अर्थव्यवस्था दबाव में थी। तब प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने नागरिकों से राष्ट्रव्यापी अभियान चलाकर देशभक्ति का हवाला देते हुए राष्ट्रीय युद्ध कोष में आभूषण दान करने का आग्रह किया। 1962 से 1968 : अपील के बाद आदेश का दौर आया और 1962 के स्वर्ण नियंत्रण अधिनियम के तहत सोने के स्वामित्व और व्यापार पर व्यापक प्रतिबंध लगाए गए। 1963 तक 14 कैरेट से अधिक शुद्धता वाले आभूषणों का उत्पादन आपराधिक कृत्य बन गया था। फिर 1968 में कानून के तहत सोने की छड़ें या सिक्के रखने को कानूनी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया। 1966: तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने सोने के खिलाफ जंग का एलान कर दिया। सितंबर 1966 में संसद में कहा, भारत की सोने की लत को तोड़ने के लिए राजकोषीय नीति और जन शिक्षा, दोनों को हथियार बनाया जाएगा। उन्होंने सोने की खरीद को विदेशी मुद्रा की बर्बादी बताया। कुछ दिन बाद ही राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने कहा, हम सोने के गुलाम न बनें। 2013: पीएम मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भारत का चालू खाता घाटा जब सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के रिकॉर्ड 5.4 प्रतिशत तक पहुंच गया, तो तत्कालीन वित्त मंत्री ने तीन महीने के भीतर चार बार लोगों से सोना न खरीदने की अपील की। पहली अपील, मार्च 2013 में आम बजट के अगले दिन आई, जब उन्होंने कहा कि उम्मीद है लोग इतना सोना नहीं खरीदेंगे। फिर मई और जून में तीन और मौकों पर उन्होंने लोगों से ऐसी ही अपील की। उन्होंने इस आदत को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान से जोड़ा। भारतीयों को खान-पान की आदतें सिखाने की कोशिश 1950 के दशक के शुरू में भारत में भोजन की गंभीर कमी थी। तब नेहरू ने नागरिकों से अपनी खानपान की आदतें बदलने को कहा। उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीयों को चावल का सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए, ताकि दूसरों को चावल मिल सके। 1965 में पाकिस्तान के साथ युद्ध के दौरान पीएम लाल बहादुर शास्त्री ने हर भारतीय से सोमवार को एक वक्त का खाना छोड़ने का आग्रह किया। यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भोजन की खपत को पूरी तरह से कम करने के लिए था। जब मनमोहन सिंह बोले-पैसे पेड़ों पर नहीं उगते कांग्रेस पीएम की अपील को आर्थिक कमजोरी का सबूत कह रही है, पर जब ईंधन पर सब्सिडी से राजकोषीय घाटा बढ़ने का खतरा मंडरा रहा था, तब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था, विश्व स्तर पर ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, हमने आपको बचाने की कोशिश की है। ईंधन पर सब्सिडी बहुत अधिक है, और सब्सिडी का बिल 2 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक हो जाता। इसके लिए पैसा कहां से आएगा पैसा पेड़ों पर नहीं उगता। अन्य वीडियो-
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- Source: www.amarujala.com
- Published: May 13, 2026, 02:46 IST
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