कागजों में दौड़, खेत में सन्नाटा: हाथरस में कुसुम योजाना का हाल ऐसा, धूप मुफ्त, फिर भी सिस्टम सुस्त
सुबह के करीब 11 बजे हैं। हाथरस शहर से कुछ सौ मीटर दूर गिजरौली गांव में 35 वर्षीय मनोज अपने खेत के किनारे खड़े हैं। खेत में गेहूं की फसल लहलहा रही है, लेकिन मोटर चलाने के लिए बिजली का इंतजार अब भी जारी है। मनोज कहते हैं कि उन्होंने कई बार पीएम कुसुम योजना का नाम सुना है। रेडियो पर इसका कार्यक्रम भी सुना। उसमें बताया कि सोलर पंप लग जाए तो डीजल का खर्च बचेगा, बिजली का झंझट खत्म हो जाएगा। लेकिन लाभार्थी कैसे बनना है आवेदन कहां करना है किससे संपर्क करें इसकी साफ जानकारी नहीं है। मनोज अकेले नहीं हैं। जिले में कई किसान इसी दुविधा में हैं। योजना के फायदे सब जानते हैं लेकिन इसकी प्रक्रिया कोई नहीं समझ पा रहा। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पीएम कुसुम योजना पर जोर दे रहे हैं ताकि किसान को हरित और आत्मनिर्भर बनाया जा सके। सिंचाई के लिए किसान डीजल और अस्थिर बिजली पर निर्भर रहते हैं जिससे खेती की लागत बढ़ना तय है। ऐसे में प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत सोलर पंप लगाए जा रहे हैं। इससे डीजल का खर्च खत्म होता है। बिजली बिल का बोझ नहीं रहता। इससे प्रति एकड़ लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है। इतना ही नहीं, कुछ राज्यों में अतिरिक्त सोलर बिजली ग्रिड को बेचने की सुविधा भी है। इससे किसान ऊर्जा उत्पादक बन सकता है। इसके बावजूद हाथरस जिले में यह योजना कागजों पर चमक रही है और खेतों तक नहीं पहुंचा पा रही। किसानों ने रजिस्ट्रेशन किए हैं, अंशदान जमा करना होता है। अंशदान जमा होने के बाद नामित संस्था की ओर से ही पंप की स्थापना कराई जाती है। बोरिंग किसान खुद करते हैं। किसानों के इसके लिए जागरूक किया जा रहा है।- निखिल देव तिवारी, जिला कृषि अधिकारी।
#CityStates #Hathras #KusumYojanaSolarPump #HathrasNews #Kisan #PmKusumYojana #GijrauliHathras #SolarEnergy #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 01, 2026, 11:06 IST
कागजों में दौड़, खेत में सन्नाटा: हाथरस में कुसुम योजाना का हाल ऐसा, धूप मुफ्त, फिर भी सिस्टम सुस्त #CityStates #Hathras #KusumYojanaSolarPump #HathrasNews #Kisan #PmKusumYojana #GijrauliHathras #SolarEnergy #VaranasiLiveNews
