एआई नहीं बनेगा हत्यारा, खतरा उसके इस्तेमाल से: बैंक हैकिंग से डीपफेक तक, जानें इंसान ने कैसे बढ़ाया जोखिम

कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) की बड़ी चर्चा के बीच लोगों के मन में इसे लेकर तरह-तरह की आशंकाएं भी चल रही हैं। न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एक हजार से अधिक सवाल उनके पास पहुंचे थे जिनमें किसी ने पूछा था कि क्या एआई हमारी हत्या भी कर सकता है। या क्या हमारा खाता भी हैक कर सकता है। इनके जवाब रिपोर्ट में तलाशे गए हैं। nक्या एआई मेरा बैंक अकाउंट हैक कर सकता है : एआई खुद अपने आप बैंक के मुख्य सुरक्षा तंत्र या एन्क्रिप्शन को सीधे तोड़कर बैंक अकाउंट खाली नहीं करता। इसका इस्तेमाल करके साइबर अपराधी बेहद सटीक और इंसानी भाषा जैसे लगने वाले सोशल इंजीनियरिंग और फ़िशिंग मैसेज तैयार कर रहे हैं। एआई-जनरेटेड वॉइस क्लोनिंग और डीपफेक की मदद से जालसाज आपके किसी परिचित या बैंक अधिकारी बनकर आपको गुमराह कर सकते हैं। सबसे तात्कालिक चिंताएं क्या हैं चुनाव, स्वास्थ्य व सामाजिक मुद्दों पर बड़े पैमाने पर फर्जी खबरें और डीपफेक फैलाना। साइबर हमले में आसानी शुरुआती स्तर के हैकर्स भी एआई की मदद से जटिल मैलवेयर कोड लिख पा रहे हैं। की मदद से जालसाज आपके किसी परिचित या बैंक अधिकारी बनकर आपको गुमराह कर सकते हैं। एआई मॉडल अपने निर्माताओं के नियंत्रण से बाहर निकल सकते हैं : वर्तमान एआई मॉडल कई बार ऐसी चीजें बनाकर जवाब देते हैं जो पूरी तरह सही नहीं होतीं । जब एआई को जटिल काम खुद हल करने के लिए एजेंटिक एआई के रूप में स्वतंत्रता दी जाती है, तो वह कई बार ऐसे तरीके अपनाता है जो उसके डेवलपर्स ने तय नहीं किए होते।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 20, 2026, 00:48 IST
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