धड़ल्ले से बिक रही एंटीबायोटिक: 57% तक बैक्टीरिया पर बेअसर; क्या अब दवाओं से उपचार होगा मुश्किल?

बुखार, गले में खराश या पेशाब में जलन होने पर लोग जल्द ठीक होने के लिए एंटीबायोटिक लेते हैं। लेकिन इन दवाओं के लगातार और गलत इस्तेमाल से बैक्टीरिया पर इनका असर कम होने का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। ऑनलाइन दवा और जांच के आंकड़ों पर आधारित एक अध्ययन में करीब 2.57 करोड़ दवाओं के पर्चों का विश्लेषण किया गया। इनमें लगभग 27.8 लाख पर्चों में एंटीबायोटिक दर्ज थी। यानी हर 10 में से करीब एक पर्चे में एंटीबायोटिक थी। अध्ययन में सामने आया कि धड़ल्ले से एंटीबायोटिक के यूज से अब इसका असर बैक्टीरिया पर करीब 57 फीसदी तक कम हो गया है। खासतौर पर पेशाब के संक्रमण से जुड़े ई. कोलाई बैक्टीरिया में सिप्रोफ्लॉक्सासिन में 57 फीसदी और सेफ्ट्रियाक्सोन के खिलाफ 53.6 फीसदी प्रतिरोध मिला। इसका मतलब है कि जांच में इतने फीसदी बैक्टीरिया इन दवाओं के प्रति प्रतिरोधी पाए गए। ये भी पढ़ें:बंगाल: कोलकाता भगदड़ के बाद दुर्गा पूजा पंडालों से हट सकते हैं वीआईपी गेट, मुख्यमंत्री ने दिए संकेत; क्या कहा 1.55 लाख से अधिक जांच नमूनों का विश्लेषण इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली के शोधकर्ताओं ने ऑनलाइन दवा सप्लाई करने वाली कंपनी टाटा 1एमजी के 2023 से 2025 के बीच के ऑनलाइन दवा और जांच से जुड़े आंकड़ों का अध्ययन किया। दवाओं के करीब 2.57 करोड़ पर्चों में से लगभग 27.8 लाख में एंटीबायोटिक दर्ज थी। इसके अलावा, सूक्ष्मजीवों की जांच से जुड़े 1.55 लाख से अधिक नमूनों का विश्लेषण किया गया। इनमें करीब 94 फीसदी नमूने पेशाब से जुड़े थे।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 19, 2026, 05:52 IST
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