Meerut News: चंद्र ग्रहण के बाद खुले मंदिरों के कपाट, आरती में गूंजा हरिनाम

शुद्धिकरण के बाद पूजा अर्चना, देवी शक्तिपीठ, शिवालय, देवालयों में हुए आयोजनमाई सिटी रिपोर्टरमेरठ। चंद्रग्रहण के सूतक काल के बाद मंगलवार शाम सात बजे के बाद मंदिरों के कपाट खुले। शुद्धिकरण के बाद विधि विधान से पूजन हुआ। देवी शक्तिपीठ, शिवालय, देवालयों में पूजा हुई। हनुमान मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।मंगलवार को चंद्र ग्रहण प्रदेश और उत्तरी भारत के कई हिस्सों में दिखाई दिया। ग्रहण का अधिकांश भाग चंद्रमा उदय से पहले हुआ लेकिन चंद्र उदय के समय ग्रहण रहा। ऐसे में मंदिरों में सभी नियमों का पालन किया गया। ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी ने बताया कि ग्रहण के कारण होलिका दहन और रंगोत्सव प्रभावित हुआ।इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया ब्लड मून खगोलीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा है। कई जगह चंद्रमा लाल रंग में भी नजर आया। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म में ग्रहण के पीछे मुख्य कारण राहु केतु को माना जाता है। ऐसे में मंदिरों में शुद्धिकरण और अन्य अनुष्ठान विधि विधान से शाम 7 बजे से आरंभ हुए। ग्रहण दोपहर 3:30 आरंभ हुआ समाप्त 6:47 पर हुआ।आचार्य मनीष स्वामी ने बताया मेरठ में ग्रहण आंशिक रहा। सूतक काल का शहर में विशेष ध्यान रखा गया। बाबा औघड़नाथ मंदिर समिति अध्यक्ष सतीश सिंघल ने बताया कि ग्रहण के बाद मंदिर में शुद्धिकरण कार्य हुआ इसके बाद भगवान को स्नान कराकर पोषाक बदली गईं। विधि विधान से आरती और पूजन हुआ। शहर के सभी मंदिरों में परंपरा अनुसार पूजन किया गया। शनि मंदिर वेस्ट एंड रोड के महामंडलेश्वर महेंद्र दास जी महाराज और बाबा मनोहरनाथ मंदिर की महामंडलेश्वर निलिमानंद महाराज ने बताया कि सभी कार्य विधि विधान से किए गए। बुधवार को शहर में रंग उत्सव मनाया जाएगा।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 03, 2026, 20:19 IST
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