आज का शब्द: कलानिधि और महेन्द्र भटनागर की कविता- मोहक सपनों की छाया है !

'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- कलानिधि, जिसका अर्थ है- चन्द्रमा, कलाकार। प्रस्तुत है महेन्द्र भटनागर की कविता- मोहक सपनों की छाया है ! रे मूक कलानिधि के मुख पर मोहक सपनों की छाया है ! दिन में सोता है निशि भर जगता है, जिससे अलसाया खोया-खोया-सा हरदम लगता है, पहचान नहीं पाओगे तुम कुछ अद्भुत स्वर्गिक माया है ! पहले बढ़ता, पर फिर घट जाता है, जिससे पल भर भी यह नहीं किसी के वश में आता है, समझें क्या यह अस्सी घाटों का पानी पीकर आया है ! हमारे यूट्यूब चैनल कोSubscribeकरें। लिंक पर क्लिक करें और जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएपचैनल से https://whatsapp.com/channel/0029VaXoA27A89Mp96alfc2o

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 19, 2026, 17:51 IST
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