Latest News
Most Read
बशीर बद्र: मुसाफिर हूं, किसी मोड़ पर फिर मुलाकात ह...
मुसाफिर हूं, किसी मोड़ पर फिर मुलाकात होगी Bashir Badr Obituary Urdu Poetry Ghazal Shayari Literary ...
Category: national
UP: अंबेडकरनगर के बुकिया की मिट्टी का सितारा हुआ ख...
अंबेडकरनगर के बुकिया गांव निवासी पद्मश्री सम्मानित मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का 91 वर्ष की आयु में नि...
Category: city-and-states
मशहूर शायर बशीर बद्र नहीं रहे, 91 की उम्र में भोपा...
मशहूर शायर बशीर बद्र नहीं रहे, 91 की उम्र में भोपाल में निधन...
Category: short-videos
'उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो': मशहूर शाय...
उर्दू शायरी की दुनिया के मशहूर शायर बशीर बद्र का गुरुवार को 91 वर्ष की उम्र में भोपाल में निधन हो गय...
Category: city-and-states
बशीर बद्र के शेर: 'हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर ...
bashir badra a famous urdu poet dies at the age of 91 बशीर बद्र: उर्दू शायरी की एक बड़ी आवाज़ खामोश...
Category: sahitya
Urdu Poetry: अब तक दिल-ए-ख़ुश-फ़हम को तुझ से हैं उ...
famous urdu shayari top shayari best poetry viral sher social media poetry collection Urdu Poetry: अ...
Category: urdu-adab
Urdu Poetry: क्यूँकर कहूँ कि कोई तमन्ना नहीं मुझे...
famous urdu sher top urdu shayari best urdu poetry viral urdu sher collection Urdu Poetry: क्यूँकर क...
Category: urdu-adab
Ahmad Faraz Poetry: जब क़त्ल हुआ सुर साज़ों का...
Ahmad Faraz Poetry: जब क़त्ल हुआ सुर साज़ों का...
Category: urdu-adab
Urdu Poetry: मिरा ख़ज़ाना ज़माने के हाथ जा न लगे...
Urdu Poetry: मिरा ख़ज़ाना ज़माने के हाथ जा न लगे...
Category: urdu-adab
क़मर जलालवी की ग़ज़ल: राज़-ए-दिल क्यूँ न कहूँ सामन...
क़मर जलालवी की ग़ज़ल: राज़-ए-दिल क्यूँ न कहूँ सामने दीवानों के...
Category: urdu-adab
राहत इन्दौरी की ग़ज़ल: मोम के पास कभी आग को लाकर द...
राहत इन्दौरी की ग़ज़ल: मोम के पास कभी आग को लाकर देखूँ...
Category: urdu-adab
Urdu Poetry: हमारे ज़ख़्म वर्ज़िश कर रहे हैं...
Urdu Poetry: हमारे ज़ख़्म वर्ज़िश कर रहे हैं...
Category: urdu-adab
Urdu Poetry: बदन चुराते हुए रूह में समाया कर...
Urdu Poetry: बदन चुराते हुए रूह में समाया कर...
Category: urdu-adab
Urdu Poetry: छोड़ो मोह! यहाँ तो मन को बेकल बनना पड...
Urdu Poetry: छोड़ो मोह! यहाँ तो मन को बेकल बनना पड़ता है...
Category: urdu-adab
Urdu Poetry: दीवारें छोटी होती थीं लेकिन पर्दा होत...
Urdu Poetry: दीवारें छोटी होती थीं लेकिन पर्दा होता था...
Category: urdu-adab
जब फ़िराक़ गोरखपुरी के टोकने पर कृष्ण बिहारी नूर ...
कृष्ण बिहारी नूर ने तमाम उम्र लफ़्ज़ों को संजीदगी से तराश कर शायरी की। मुशायरों में कलाम पढ़ने का उन...
Category: mud-mud-ke-dekhta-hu

