हिमालयी लोक कलाओं के संरक्षण के लिए आगे आएं युवा : विनय

धर्मशाला। हिमालयी लोक कलाएं केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारे समाज, जीवनशैली, प्रकृति और सदियों पुरानी परंपराओं की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। बदलते दौर में इनके संरक्षण के लिए युवाओं को आगे आना होगा। यह बात जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान ने शनिवार को राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के प्रयास भवन में आयोजित कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर कही।महाविद्यालय और यूथ डेवलपमेंट सेंटर की ओर से भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में हिमालयन सांस्कृतिक विरासत संरक्षण एवं विकास विषय पर ओरिएंटल वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यातिथि विनय धीमान ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया, जबकि डॉ. आरती चंदेल ने उनका स्वागत किया। विनय धीमान ने चंबा, कांगड़ा और भरमौर के जनजातीय क्षेत्रों के अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को वहां की लोक संस्कृति से अवगत करवाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने कहा कि कॉलेज के शताब्दी वर्ष में इस कार्यशाला का आयोजन विद्यार्थियों के लिए विशेष महत्व रखता है। कार्यशाला में प्रख्यात लोक कलाकार व प्रशिक्षक जितेंद्र कुमार सहित अन्य विशेषज्ञ विद्यार्थियों को पारंपरिक लोक कलाओं से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी प्रदान कर रहे हैं।कार्यशाला के आयोजन में महाविद्यालय के रोवर-रेंजर, एनएसएस, टूर एंड ट्रैवल, यूथ एवं वोकेशनल स्टडीज तथा हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म विभाग के विद्यार्थियों ने सहयोग किया। इस अवसर पर डॉ. शैली डडभाल, डॉ. दीपिका ठाकुर, डॉ. अमित कटोच, डॉ. अजय जम्वाल, प्रो. बालक राम, प्रो. संजय, प्रो. गौरव महाजन, प्रो. शिखा शर्मा, दर्शना और तरसेम जरयाल सहित कई शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।

#KangraNews #TodayKangraNews #KangraHindiNews # #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Aug 29, 2026, 20:02 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »




हिमालयी लोक कलाओं के संरक्षण के लिए आगे आएं युवा : विनय #KangraNews #TodayKangraNews #KangraHindiNews # #VaranasiLiveNews