विश्व एनेस्थीसिया दिवस: अब सिर्फ बेहोशी नहीं, मरीज की धड़कन पर भी नजर रखते हैं एनेस्थेटिस्ट
एनेस्थीसिया के 180 साल बाद अब आधुनिक तकनीकों, जीवनरक्षक दवाओं और निगरानी उपकरणों ने एनेस्थीसिया की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और सुरक्षित हो गई है। पहले मरीज को बेहोश करने के लिए दवाओं को सूंघाकर दिया जाता था और सर्जरी के लिए शरीर को पूरी तरह बेहोश किया जाता था। अब सर्जरी की जरूरत के अनुसार मरीज को पूरी तरह बेहोश करने के बजाय शरीर के किसी विशेष हिस्से को सुन्न करके भी ऑपरेशन किया जा सकता है। आधुनिक मशीनों और मॉनिटरिंग तकनीकों की मदद से ऑपरेशन के दौरान मरीज के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाती है। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ यानी एनेस्थेटिस्ट की भूमिका केवल मरीज को बेहोश करने तक सीमित नहीं है।
#CityStates #HimachalPradesh #Shimla #WorldAnaesthesiaDay #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 15, 2026, 22:52 IST
विश्व एनेस्थीसिया दिवस: अब सिर्फ बेहोशी नहीं, मरीज की धड़कन पर भी नजर रखते हैं एनेस्थेटिस्ट #CityStates #HimachalPradesh #Shimla #WorldAnaesthesiaDay #VaranasiLiveNews
