खतरे का मिलेगा संकेत: घेपन झील में 13,450 फीट की ऊंचाई पर हिमाचल का पहला अर्ली वार्निंग सिस्टम
हिमाचल प्रदेश में ग्लेशियर झील से बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए पहली बार किसी झील पर अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किया गया है। लाहौल-स्पीति में समुद्र तल से करीब 13,450 फुट की ऊंचाई पर स्थित घेपन झील में सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) ने यह सिस्टम स्थापित किया। इस सिस्टम से झील की स्थिति पर निगरानी रखने और संभावित खतरे की स्थिति में समय रहते चेतावनी देने में मदद मिल सकती है। हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियरों के पिघलने से उनके आगे या आसपास पानी जमा होने के कारण ग्लेशियर झीलें बनती हैं। तापमान बढ़ने, बर्फ और ग्लेशियर तेजी से पिघलने एवं झीलों में जलस्तर बढ़ने से इनका आकार बढ़ सकता है।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 15, 2026, 22:18 IST
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