Mandi: सरकार की पहल और प्रशासन की मेहनत से करसोग के युवाओं को मिली नई उड़ान

कहते हैं, एक किताब, इनसान की जिंदगी बदल सकती है। करसोग में, ज़िंदगी बदलने का ये मौका अब पहले से भी ज़्यादा करीब है। ज़िला प्रशासन मंडी लेकर आया है, 'अपना पुस्तकालय', एक ऐसा स्थान, जहां किताबें सिर्फ पढ़ी नहीं जातीं, महसूस की जाती हैं। अपना पुस्तकालय, सिर्फ पढ़ने की जगह नहीं, ज्ञान का एक खुला दरवाज़ा है। यहां युवा किताबों की दुनिया से दोस्ती कर, अपने सपनों को नया आकार देने में जुटे हैं। वातावरण से भरपूर करसोग कस्बा वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया देखने की उम्मीद लिए बैठा था। युवाओं के सपने बड़े थे, लेकिन संसाधनों की कमी उन्हें अकसर आगे बढ़ने से रोक देती थी। प्रत्येक उपमंडल में अपना पुस्तकालय स्थापित करने की महत्वाकांक्षी पहल ने करसोग के युवाओं में एक नई रोशनी जगाई है। प्रशासनिक प्रयासों से करसोग के युवाओं के सपनों को मूर्त रूप मिला और यहां नवनिर्मित संयुक्त कार्यालय भवन में अपना पुस्तकालय शुरू हो गया। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस पुस्तकालय ने युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। लगभग 22 लाख रुपये से अधिक की लागत से निर्मित यह पुस्तकालय आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहाँ एक साथ 100 विद्यार्थी बैठकर अध्ययन कर सकते हैं, जो इस क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। पढ़ाई के लिए पूरी तरह शांत, अनुशासित और प्रेरक माहौल ने इसे छात्रों का पसंदीदा स्थल बना दिया है। इस पुस्तकालय में ई-लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। यहां तीन कंप्यूटर, हाई-स्पीड इंटरनेट और ऑनलाइन स्टडी मैटीरियल विद्यार्थियों को उपलब्ध है, जो डिजिटल शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। पुस्तकालय में लगभग 5,000 किताबों का समृद्ध संग्रह उपलब्ध है। इनमें 5वीं से 12वीं तक की एनसीईआरटी व अन्य बोर्डों की पुस्तकों के अतिरिक्त, एचएएस, आईएएस, एलाइड सर्विसेज, मेडिकल, इंजीनियरिंग, कृषि, बागवानी, लॉ, आईआईटी–आईआईएम स्तर की पुस्तकें तथा पत्रकारिता व फैशन डिजाइनिंग सहित विभिन्न विषयों की महत्वपूर्ण पुस्तकें शामिल हैं। इस संग्रह ने करसोग को शैक्षणिक रूप से सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिनका सीधा लाभ यहां के युवा उठा रहे हैं। प्रेरक बात यह है कि इस पुस्तकालय की देखरेख युवाओं द्वारा स्वयं ही की जाती है। यहां कोई कर्मचारी नियुक्त नहीं है। अपना पुस्तकालय को संवारने में समाज की भी सक्रिय भागीदारी रही है। उपायुक्त अपूर्व देवगन का कहना है कि युवाओं को उच्च स्तरीय अध्ययन का वातावरण प्रदान कर, उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरित करना और प्रतियोगी परीक्षाओं की राह आसान बनाना इस पहल का उद्देश्य है। मंडी जिला में उपमंडल स्तर पर अपना पुस्तकालय स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए उच्च स्तरीय पाठ्य सामग्री घर के समीप ही उपलब्ध हो सके।

Mandi: सरकार की पहल और प्रशासन की मेहनत से करसोग के युवाओं को मिली नई उड़ान #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Nov 30, 2025, 12:08 IST
पूरी ख़बर पढ़ें »


Mandi: सरकार की पहल और प्रशासन की मेहनत से करसोग के युवाओं को मिली नई उड़ान #VaranasiLiveNews