अयोध्या: होली पर चरावा में सजी फगुवा गीत की महफिल, केकरा हाथे कनक पिचकारी, "केकरा हाथे अवीर"
होली के अवसर पर पारंपरिक फगुआ (फाग) की धूम रही। ढोलक, झाल की थाप पर 'जोगीरा सारा रा' के साथ गाए गए पारंपरिक गीतों ने होली के माहौल को जीवंत और आत्मीय बना दिया। ग्रामीण अंचलों में सामूहिक लोकगीतों और रंगों के साथ आपसी प्रेम व एकता का अद्भुत नजारा देखा गया। क्षेत्र की ग्राम पंचायत चरावा में भी लोक-संगीत की विशेष महफिल सजी। पूर्व प्रधान संदीप तिवारी के साथ विजय मिश्रा, पवन तिवारी, योगेश चंद्र योगी, राजदेव तिवारी, अभिषेक दूबे और आंसू तिवारी फगुआ गीत सरजू जल के रंग बनलवा, बालू के उड़े ला अबीर से आरे लाल बालू के उड़ेला अबीर, सुमंगल हो केकरा हाथे कनक पिचकारी, केकरा हाथे अवीर से आरे लाल केकरा हाथे अबीर, सुमंगल होत.. राम के हाथे कनक पिचकारी, लछुमन हाथे अबीर से आरे लाल लक्षुमन हाथे अबीर, सुमंगल होत गाते नजर आए। उनकी प्रस्तुति पर ग्रामीण देर रात तक झूमते रहे और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते दिखाई दिए। पूरे ब्लॉक क्षेत्र में गांव-गांव में हो रहे फगुआ आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि आधुनिकता के दौर में भी ग्रामीण अंचल अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े हुए हैं। होली का यह पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और परंपराओं को संजोए रखने का संदेश दे रहा है।ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों पुरानी परंपरा आज भी उसी उत्साह के साथ निभाई जा रही है। शाम होते ही लोग समूह बनाकर फगुआ गाने के लिए एकत्र हो जाते हैं। बुजुर्ग जहां पारंपरिक गीतों की अगुवाई कर रहे हैं, वहीं युवा भी पूरे जोश के साथ भागीदारी निभा रहे हैं।
अयोध्या: होली पर चरावा में सजी फगुवा गीत की महफिल, केकरा हाथे कनक पिचकारी, "केकरा हाथे अवीर" #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Mar 04, 2026, 16:36 IST
अयोध्या: होली पर चरावा में सजी फगुवा गीत की महफिल, केकरा हाथे कनक पिचकारी, "केकरा हाथे अवीर" #VaranasiLiveNews
