चुनाव से पहले ऊपरी असम में हमला सुरक्षा के लिए नई चुनौती, जानें प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन ने क्यों किया अटैक

असम में चुनाव से ठीक पहले तिनसुकिया के जागुन में पुलिस कमांडो कैंप पर ग्रेनेड हमला महज एक सुरक्षा चुनौती नहीं, बल्कि चुनावी माहौल प्रभावित करने वाला घटनाक्रम बनकर उभरा है। लंबे समय से चुनावों के बहिष्कार की नीति अपनाते रहे प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा (स्वतंत्र) ने हमले की जिम्मेदारी लेकर साफ संकेत दिया है कि चुनाव प्रक्रिया के बीच अपनी मौजूदगी और प्रभाव दिखाना चाहता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसी घटनाएं डर का माहौल बनाकर खासकर ऊपरी असम जैसे संवेदनशील इलाकों में चुनावी समीकरण को प्रभावित करेंगी। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को जल्द पकड़ने और काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन तेज करने का भरोसा दिया है। ऊपरी असम में तिनसुकिया, डिब्रूगढ़, चराईदेव, शिवसागर, जोरहाट, माजुली, गोलाघाट जैसे जिले हैं। ऊपरी असम में 42 विधानसभा सीटें आती हैं, इसलिए चिंता बढ़ गई है। हमला चुनौती क्यों लो इंटेंसिटी, हाई इम्पैक्ट रणनीति: उल्फा (स्वतंत्र) अब बड़े हमलों के बजाय छोटे लेकिन असरदार हमलों पर फोकस कर रहा है, जिससे कम संसाधनों में भी अधिक प्रभाव पैदा किया जा सके। सीमावर्ती इलाकों की संवेदनशीलता: तिनसुकिया व आसपास के क्षेत्र, खासकर अरुणाचल सीमा से सटे इलाके, लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों के केंद्र रहे हैं। भौगोलिक परिस्थितियां सुरक्षा बलों के लिए अतिरिक्त चुनौती पैदा करती हैं। शांति वार्ता के बीच अलग धड़ा: उल्फा के एक गुट के साथ केंद्र सरकार की शांति प्रक्रिया चल रही है, लेकिन उल्फा (स्वतंत्र) उससे अलग रहकर सक्रिय है। ऐसे में इस घटना को उस धड़े के अब भी प्रभावी होने का संदेश माना जा रहा है। ऊपरी असम में पिछले चुनाव में एनडीए को मिलीं 32 सीटें 42 विस सीटों वाला ऊपरी असम ऐतिहासिक रूप से असम गण परिषद (एजीपी) और असमिया क्षेत्रीय राजनीति का गढ़ रहा है। लेकिन 2016 के बाद से भाजपा ने ने यहां मजबूत पकड़ बना ली है। 2021 के चुनाव में भाजपा और एजीपी गठबंधन को कुल 32 सीटें मिलीं सीटें मिली थीं। कमांडो कैंप पर उग्रवादी हमला असम के तिनसुकिया जिले में रविवार तड़के पुलिस कमांडो कैंप पर उग्रवादियों ने हमला कर दिया, जिसमें चार सुरक्षा कर्मी घायल हो गए।पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह हमला तिनसुकिया के जागुन इलाके में करीब 2.30 बजे हुआ। उग्रवादियों ने कैंप पर रॉकेट चालित ग्रेनेड (आरपीजी) से कई गोले दागे, जिनमें से पांच गोले फट गए। इसके बाद कैंप में तैनात सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की, जिससे कुछ देर तक दोनों ओर से गोलीबारी हुई। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि इस हमले को सात उग्रवादियों के एक समूह ने अंजाम दिया, जो घटना के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर अरुणाचल प्रदेश की सीमा की ओर भाग निकले। हमले में घायल चारों जवानों को डिब्रूगढ़ स्थित असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के अधीक्षक ध्रुवज्योति भुइयां के अनुसार सभी घायल जवानों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। अन्य वीडियो

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Mar 23, 2026, 04:29 IST
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