UP SIR Controversy : SIR पर सपा- भाजपा में छिड़ी जुबानी जंग, एक दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप!
उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच राजनीतिक संग्राम छिड़ा हुआ है। यह विवाद मुख्य रूप से मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर है। हाल ही में चुनाव आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट लिस्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की एक "गहरी साजिश" करार दिया है। उनका आरोप है कि भाजपा उन विधानसभा क्षेत्रों में जानबूझकर वोट कटवा रही है जहाँ 2024 के लोकसभा चुनावों में सपा और INDIA गठबंधन को बढ़त मिली थी। अखिलेश यादव का दावा है कि यह प्रक्रिया विशेष रूप से PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समुदायों के वोटों को निशाना बनाने के लिए की जा रही है, ताकि 2027 के विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों को कमजोर किया जा सके। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को आधिकारिक डेटा आने से पहले ही यह कैसे पता था कि 4 करोड़ के करीब वोट कटेंगे। दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक संवैधानिक और तकनीकी प्रक्रिया बताया है। भाजपा प्रवक्ताओं का कहना है कि यह पुनरीक्षण पारदर्शी तरीके से किया गया है ताकि फर्जी, मृत और एक से अधिक स्थान पर दर्ज मतदाताओं को हटाया जा सके। भाजपा ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अखिलेश यादव अपनी संभावित हार के डर से पहले ही "हार का बहाना" ढूंढ रहे हैं। भाजपा का तर्क है कि सबसे ज्यादा वोट शहरी इलाकों (जैसे लखनऊ और गाजियाबाद) में कटे हैं, जो पारंपरिक रूप से भाजपा के गढ़ माने जाते हैं, इसलिए पक्षपात का आरोप निराधार है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष जनता को भ्रमित करने के लिए "यक्ष प्रश्न" खड़ा कर रहा है और अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख बौखला गया है। सपा ने मतदाता सूची को आधार कार्ड से जोड़ने की मांग की है ताकि धांधली की गुंजाइश न रहे। साथ ही, उन्होंने इस प्रक्रिया के लिए समय सीमा बढ़ाने और बीएलओ (BLO) की कार्यप्रणाली की जांच की मांग की है।भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को 'वार रूम' मोड में रहने और कटे हुए वास्तविक मतदाताओं के नाम वापस जुड़वाने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया है। आयोग के अनुसार, नाम काटने के पीछे मुख्य कारण मतदाताओं का पलायन (Migration), मृत्यु और दोहरी प्रविष्टि (Duplicate entry) है। 6 फरवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया गया है।
#IndiaNews #National #UpSirVoterDeletion #3CroreVotersMissing #BjpSpSirPanic #ElectionCommissionSirControversy #AkhileshYadavBjpAttack #UpVoterListShock #SirUrbanVoterCut #BjpVoterLossFear #SpVoterDeletionClaim #Up2027ElectionTension #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 11, 2026, 02:44 IST
UP SIR Controversy : SIR पर सपा- भाजपा में छिड़ी जुबानी जंग, एक दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप! #IndiaNews #National #UpSirVoterDeletion #3CroreVotersMissing #BjpSpSirPanic #ElectionCommissionSirControversy #AkhileshYadavBjpAttack #UpVoterListShock #SirUrbanVoterCut #BjpVoterLossFear #SpVoterDeletionClaim #Up2027ElectionTension #VaranasiLiveNews
