यूपी विधानसभा: महंगाई के मुद्दे पर हंगामा, माता प्रसाद बोले- ब्योरा दे सरकार; सपा का सदन से बहिर्गमन

विधानमंडल के बजट सत्र के आखिरी दिन समाजवादी पार्टी ने आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर विधानसभा से बहिर्गमन किया। सपा सदस्य मंत्री द्वारा आउटसोर्सिंग कारपोरेशन के गठन के बाद बोर्ड की बैठक की जानकारी की रूपरेखा नहीं बताने से नाराज होकर सदन से बाहर चले गए। कांग्रेस दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कौशल विकास की योजनाओं और रोजगार मेलों के बावजूद बड़ी संख्या में युवाओं को स्थायी एवं सम्मानजनक रोजगार नहीं मिलने के बारे में सवाल किया था। युद्धग्रस्त इजराइल में श्रमिकों को भेजने पर आपत्ति की। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने जवाब में कहा कि इजराइल हमारा मित्र देश है। वहां गए किसी ने भी श्रमिक ने शिकायत नहीं की है। साल भर में एक हजार करोड़ रुपये कमाकर परिजनों को भेजे हैं। जल्द एक हजार और श्रमिक इजराइल भेजे जाएंगे। इसके अलावा जापान, क्रोएशिया और जर्मनी भी भेजा जाएगा। हालांकि श्रमिकों को दूर न जाना पड़े, इसके लिए सरकार एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित कर रही है। हमने आउटसोर्सिंग कारपोरेशन गठित किया है, जिसकी बोर्ड की पहली बैठक हो चुकी है। इस पर सपा सदस्य बैठक की रूपरेखा बताने की मांग करने लगे, जिसे मंत्री ने बाद में सदस्यों को भेजने की बात कही। हालांकि सपा सदस्य जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया। कंपनी बदलेगी, कर्मचारी नहीं इससे पहले सपा सदस्य रागिनी सोनकर द्वारा संविदा कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए जेम पोर्टल पर जारी टेंडर में सेवा शर्तों आदि का जिक्र होता है। सरकार ने यह भी तय किया है कि कंपनी बदलने पर कर्मचारियों को नहीं बदला जाएगा। हम कर्मचारियों का अहित नहीं होने देंगे। वहीं सपा के डॉ. ह्दय नारायण पटेल के सवाल के जवाब में कहा कि सरकार का संकल्प हर हाथ को काम देना है। सपा सरकार में 1.39 लाख सरकारी नौकरी दी गई थीं, हमने 8.45 लाख लोगों को दी है। जल्द दूसरे राज्यों के लोग यूपी में नौकरी करने आएंगे। भत्ता नहीं, धोखा दिया सपा सदस्य संदीप सिंह के बेरोजगारी भत्ता देने के सवाल के जवाब में श्रम मंत्री ने कहा कि सरकार स्वरोजगार को भी बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का पूरे देश में डंका बज रहा है। सपा सरकार ने वर्ष 2006 में कई नियम बनाकर एक साल के लिए बेरोजगारी भत्ता दिया था। इसी तरह 2012 में भी एक साल देने के बाद बंद कर युवाओं को धोखा दिया। हम युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं। जौनपुर के सबसे ज्यादा श्रमिक बाहर श्रम मंत्री ने सदन को बताया कि जौनपुर के सबसे ज्यादा श्रमिक दूसरे राज्यों में काम करने जाते हैं। दूसरे स्थान पर आजमगढ़, तीसरे पर गोरखपुर और चौथे पर देवरिया है। वहीं हापुड़ से सबसे कम लोग बाहर जाते हैं। यूपी के कामगारों की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है। जिन राज्यों ने स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता देने का नियम बनाया, वहां उद्योग बंद होने लगे। एक आईपीएस के अलावा सबने दिया संपत्तियों का ब्योरा संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन को बताया कि वर्ष 2019 से निलंबित चल रहे आईपीएस (जसवीर सिंह) को छोड़कर प्रत्येक राज्य कर्मचारी ने अपनी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा दे दिया है। वह सपा सदस्य रविदास मेहरोत्रा के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि पहले ब्योरा नहीं देने वालों की सैलरी को रोका गया था। कोरम नहीं हुआ पूरा विधानसभा में दोपहर करीब एक बजे सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बाहर जाने से कोरम भी पूरा नहीं हो सका। दरअसल, सदन में कुल सदस्यों में से 15 फीसद की उपस्थिति अनिवार्य होती है। दोपहर में विधानसभा अध्यक्ष के उठने के बाद सदस्य धीरे-धीरे जाने लगे। भाजपा और सहयोगी दलों के 25 और सपा के दो सदस्य ही रह गए।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Feb 20, 2026, 19:49 IST
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