सुरक्षित कार: दिवाली पर गाड़ी खरीदने से पहले देखें ये पांच मॉडल, क्रैश टेस्ट में किसे मिला शानदार स्कोर?
दिवाली पर नई कार लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो माइलेज, डिजाइन और फीचर्स के साथ उसकी सेफ्टी पर भी ध्यान देना जरूरी है। दुर्घटना के समय में कार का यह मजबूत ढांचा और सुरक्षा फीचर्स यात्रियों को गंभीर चोट से बचाने में खास भूमिका निभाते हैं। ऐसे में क्रैश टेस्ट रेटिंग से कार की सुरक्षा क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस रिपोर्ट में जानिए भारत की उन पांच कारों के बारे में, जिन्होंने क्रैश टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन किया है। साथ ही देखें इनकी एडल्ट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट सेफ्टी रेटिंग और खास फीचर्स। दिवाली पर कौन-सी गाड़ियां ले सकते हैं दिवाली के दौरान कई लोग नई कार खरीदने की योजना बनाते हैं। ऐसे में ग्राहक आमतौर पर माइलेज, कीमत, डिजाइन और फीचर्स की तुलना करते हैं। हालांकि, कार खरीदते समय यह जानना भी जरूरी है कि हादसे में गाड़ी यात्रियों को कितनी सुरक्षा दे सकती है। भारत में कारों की सुरक्षा जांचने के लिए भारत एनसीएपी और ग्लोबल एनसीएपी जैसे क्रैश टेस्ट कार्यक्रम मौजूद हैं। इन टेस्ट में कार की संरचना के साथ एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (AOP) और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन (COP) का आकलन किया जाता है। क्रैश टेस्ट में मिले स्कोर से पता चलता है कि टक्कर के दौरान कार में बैठे वयस्कों और बच्चों को किस स्तर की सुरक्षा मिल सकती है। क्रैश टेस्ट के आंकड़ों के आधार पर यहां पांच कारों और उनके संबंधित मॉडल समूहों की जानकारी दी गई है। इनमें टाटा, फॉक्सवैगन, स्कोडा और मारुति सुजुकी की गाड़ियां शामिल हैं। टाटा हैरियर और सफारी: एडल्ट और चाइल्ड, दोनों के लिए 5-स्टार रेटिंग टाटा मोटर्स की हैरियर और सफारी कंपनी की फ्लैगशिप एसयूवी हैं। दोनों गाड़ियों को क्रैश टेस्ट में एडल्ट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन के लिए 5-स्टार रेटिंग मिली है। इनका मजबूत स्ट्रक्चर और सुरक्षा से जुड़े फीचर्स इन्हें इस सूची में शामिल करते हैं। क्रैश टेस्ट रेटिंग की बात करें तो इन्हें पांच-स्टार (एडल्ट) और पांच-स्टार (चाइल्ड) मिले हैं, जिसमें एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन का स्कोर 33.05/34 और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन का स्कोर 45.00/49 है। इनके खास फीचर्स में छह से सात एयरबैग्स, लेवल-2 एडीएएस, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल और ओमेगार्क प्लेटफॉर्म शामिल हैं। टाटा नेक्सन टाटा नेक्सन सब-4 मीटर कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट की गाड़ियां शामिल है। सुरक्षा के मामले में भी इसने क्रैश टेस्ट में शानदार प्रदर्शन किया है और इसे एडल्ट और चाइल्ड, दोनों ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन कैटेगरी में पांच-स्टार रेटिंग मिली है। क्रैश टेस्ट रेटिंग के तहत इसका एडल्ट स्कोर 32.22/34 और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन स्कोर 44.52/49 रहा है। इसके प्रमुख खास फीचर्स में सभी वेरिएंट्स में छह एयरबैग्स का स्टैंडर्ड होना, हिल-होल्ड असिस्ट, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP) और अल्ट्रा-हाई-स्ट्रेंथ स्टील का इस्तेमाल शामिल है। फॉक्सवैगन वर्टस और स्कोडा स्लाविया फॉक्सवैगन वर्टस और स्कोडा स्लाविया MQB-A0-IN प्लेटफॉर्म पर आधारित प्रीमियम सेडान हैं। दोनों को एडल्ट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में पांच-स्टार रेटिंग हासिल हुई है, जिनकी सुरक्षा में मजबूत बॉडी स्ट्रक्चर और कई आधुनिक सेफ्टी फीचर्स की अहम भूमिका है। क्रैश टेस्ट स्कोर की बात करें तो एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में यह 29.71/34 और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में 42.00/49 है। इनके खास फीचर्स में 6 स्टैंडर्ड एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक डिफरेंशियल लॉक, मल्टी-कोलिजन ब्रेक्स और एक मजबूत केबिन स्ट्रक्चर शामिल हैं। फॉक्सवैगन ताइगुन और स्कोडा कुशाक फॉक्सवैगन ताइगुन और स्कोडा कुशाक कॉम्पैक्ट एसयूवी सेगमेंट में आती हैं। दोनों गाड़ियां एमक्यूबी-ए0-आईएन प्लेटफॉर्म पर बनी हैं और क्रैश टेस्ट में एडल्ट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन के लिए 5-स्टार रेटिंग हासिल कर चुकी हैं। क्रैश टेस्ट स्कोर के मामले में एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन 29.64/34 और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन 42.00/49 दर्ज किया गया है। इनके खास फीचर्स में स्टेबल बॉडीशेल, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम, छह स्टैंडर्ड एयरबैग्स और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन से जुड़े बेहतरीन फीचर्स शामिल हैं। मारुति सुजुकी डिजायर नई पीढ़ी की मारुति सुजुकी डिजायर ने कंपनी के लिए सेफ्टी के मामले में एक एतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह ग्लोबल एनसीएपी में 5-स्टार एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन रेटिंग पाने वाली मारुति की पहली कार है, हालांकि चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन में इसे 4-स्टार रेटिंग मिली है। क्रैश टेस्ट स्कोर की बात करें तो एडल्ट ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन का स्कोर 31.24/34 और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन का स्कोर 39.20/49 है। इसके खास फीचर्स में बेस मॉडल से ही छह एयरबैग्स का स्टैंडर्ड होना, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP), पेडेस्ट्रियन सेफ्टी नॉर्म्स और आईसोफिक्स चाइल्ड सीट माउंट्स शामिल हैं। कार खरीदते समय इन बातों का भी रखें ध्यान क्रैश टेस्ट रेटिंग कार की सुरक्षा समझने का एक अहम पैमाना माना जाता है, लेकिन खरीदारी का फैसला सिर्फ स्टार रेटिंग देखकर नहीं करना चाहिए। कार का कौन सा वेरिएंट टेस्ट किया गया था, उसमें कौन से सुरक्षा फीचर्स स्टैंडर्ड हैं और आपके चुने हुए वेरिएंट में कौन-कौन से फीचर्स मिलते हैं, यह भी जांचें। यहां एक जरूरी बात यह भी है कि भारत NCAP और ग्लोबल NCAP के टेस्ट प्रोटोकॉल और मूल्यांकन के तरीके अलग हो सकते हैं। इसलिए अलग-अलग कार्यक्रमों में मिली रेटिंग और स्कोर की सीधी तुलना करने से पहले टेस्ट की शर्तों और प्रोटोकॉल को समझना चाहिए। नई कार खरीदते समय एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट्स और ADAS जैसे फीचर्स की उपलब्धता भी देखें। सबसे जरूरी है कि अपनी जरूरत, बजट और परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखकर सही कार चुनें।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Nov 02, 2026, 15:33 IST
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