मिशन दृष्टि सैटेलाइट लॉन्च की मुरीद हुई दुनिया: पीएम मोदी के पोस्ट पर एलन मस्क का जवाब, सफलता पर दी बधाई
भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। बंगलूरू स्थित स्पेस स्टार्टअप GalaxEye के मिशन दृष्टि सैटेलाइट के सफल प्रक्षेपण पर एलन मस्क ने कंपनी को बधाई दी है। मस्क ने सोशल मीडिया पर दी बधाई मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बधाई हो लिखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस पोस्ट का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने मिशन दृष्टि की सफलता को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया था। Mission Drishti by GalaxEye marks a major achievement in our space journey. The successful launch of the worlds first OptoSAR satellite and the largest privately-built satellite in India is a testament to our youths passion for innovation and nation-building. Heartiest… — Narendra Modi (@narendramodi) May 3, 2026 पीएम मोदी ने बताया मील का पत्थर प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि मिशन दृष्टि भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि दुनिया के पहले OptoSAR सैटेलाइट और भारत के सबसे बड़े निजी तौर पर निर्मित उपग्रह का सफल प्रक्षेपण देश के युवाओं की नवाचार और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मोदी ने लिखा कि गैलेक्सीआई का मिशन दृष्टि हमारी अंतरिक्ष यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि है। दुनिया के पहले ऑप्टोस्टार सैटेलाइट और भारत में निजी क्षेत्र द्वारा बनाए गए सबसे बड़े उपग्रह का सफल लॉन्च युवाओं के नवाचार और राष्ट्र निर्माण के जुनून का प्रमाण है। मिशन दृष्टि सैटेलाइट को रविवार को स्पेसएक्स के Falcon 9 रॉकेट के जरिए कैलिफोर्निया से लॉन्च किया गया। इस लॉन्च को भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। क्या है मिशन दृष्टि सैटेलाइट की खासियत मिशन दृष्टि सैटेलाइट को अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीक से लैस किया गया है। इसमें लगे हाई-टेक कैमरे और एडवांस सेंसर धरती की बेहद साफ और हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरें लेने में सक्षम हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह हर मौसम में काम कर सकता है। घने बादल, बारिश, खराब मौसम या रात का अंधेरा भी इसकी निगरानी क्षमता को प्रभावित नहीं कर पाएगा। रक्षा क्षेत्र के लिए क्यों है अहम यह सैटेलाइट भारत की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसकी रियल-टाइम मॉनिटरिंग क्षमता के जरिए सीमाओं पर होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। खासतौर पर चीन और पाकिस्तान से सटे इलाकों में किसी भी संदिग्ध हलचल का तेजी से पता लगाया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सैटेलाइट से मिलने वाला सटीक डेटा सेना को रणनीतिक फैसले लेने में मदद करेगा। इससे आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देना आसान होगा और निगरानी प्रणाली पहले से अधिक प्रभावी बनेगी। नागरिक सेवाओं में भी मिलेगा फायदा दृष्टि सिर्फ रक्षा जरूरतों तक सीमित नहीं है। यह एक डुअल-यूज सैटेलाइट है, जिसका इस्तेमाल कई नागरिक कार्यों में भी किया जाएगा। बाढ़, चक्रवात, भूकंप और जंगलों में आग जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान यह सटीक जानकारी उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण, जंगलों की निगरानी, जलवायु परिवर्तन के अध्ययन और समुद्री तटों पर नजर रखने में भी इसकी अहम भूमिका होगी। बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, हाईवे निर्माण और शहरी विकास योजनाओं की निगरानी में भी यह तकनीक उपयोगी साबित होगी। भारत के लिए क्यों जरूरी है यह तकनीक भारत जैसे देश में मानसून के दौरान लंबे समय तक बादल छाए रहते हैं, जिससे पारंपरिक सैटेलाइट्स की निगरानी क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में खेती, आपदा प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ी सटीक जानकारी जुटाना चुनौती बन जाता है। लेकिन मिशन दृष्टि इन समस्याओं का समाधान पेश करता है। लगभग 1.8 मीटर रेजोल्यूशन के साथ यह सैटेलाइट दिन-रात और हर मौसम में लगातार डेटा उपलब्ध कराएगा। इससे फसलों की निगरानी, समुद्री क्षेत्रों पर नजर रखने और प्राकृतिक आपदाओं का समय रहते पता लगाने में मदद मिलेगी।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: May 06, 2026, 09:24 IST
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