Bareilly News: नेकी की दीवार बनी गंदगी का अंबार, जरूरतमंदों को नहीं मिल रहे कपड़े
आंवला। लगभग चार साल पहले रामलीला गेट के समीप खाली जगह पर नगर पालिका ने नेकी की दीवार शुरू की थी। यहां पर करीब दो लाख रुपये की लागत से एक कमरा भी बनवाया था। इस दीवार का उद्देश्य था कि जरूरतमंदों को पहनने के लिए कपड़े मिल सकें, लेकिन शर्त थी कि कपड़े साफ-सुथरे हों। लोग घरों में जो कपड़े इस्तेमाल नहीं करते थे। वो ऐसे कपड़ों को यहां पर रख कर चले जाते थे। जरूरतमंद लोग भी अपने हिसाब से कपड़े छांट कर पहनते थे और ले जाते थे। शहर के लोगों व पालिका का नेकी की दीवार के पीछे का उद्देश्य भले ही नेक रहा हो, लेकिन इस उद्देश्य को कुछ लोगों ने खराब कर दिया है।दिवाली के त्योहार के समय में जब हर घर में साफ सफाई होती थी और लोग अपने इस्तेमाल किए गए कपड़ों को नेकी की दीवार पर फेंक कर चले जा रहे हैं। उसमें ऐसे भी कपड़े थे जो पहनने के लायक भी नहीं होते है। कपड़ों की तादाद इतनी ज्यादा होने लगी कि यहां कूड़े का ढेर जैसा बन गया। आलम यह हो गया है कि अब अच्छे कपड़े भी बेकार हो रहे हैं। करीब दो साल पहले जब यहां पर गंदे कपड़ों का बड़ा ढेर लग गया तो पालिका ने इस जगह की सफाई कराकर इसमें ताला डाल दिया, तब से नेकी की दीवार का कमरा बंद पड़ा हुआ है। इसके आसपास नगर पालिका के वाहन खड़े रहते हैं। संवाद----लोग इसमें गंदे कपड़े व कूड़ा फेंकने लगे। इसलिए इसमें ताला डाल दिया गया है। कोशिश रहेगी कि आगामी समय में इस का सदुपयोग हो। - जितेंद्र कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, आंवला
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 12, 2026, 02:44 IST
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