UP: नशीले कफ सिरप की तस्करी के रूट व एजेंटों को तलाशेगा ईडी, 2500 रुपये तक बेचा गया दो सौ का सिरप
कफ सिरप तस्करी की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। जांच एजेंसियां फर्जी बिलिंग करके तस्करी के रूट और एजेंट पकड़ने के साथ पूर्वोत्तर के राज्यों में सिरप का भंडारण करने वाले ठिकानों एवं इसमें शामिल लोगों का पता लगा रही हैं। इन राज्यों में दो-तीन दशकों से ऐसे तमाम ठिकाने बन चुके हैं। अगर कोरोना काल को छोड़ दें तो साल-दर-साल सिरप की तस्करी बढ़ती जा रही है। दरअसल, यूपी समेत 5 राज्यों में सक्रिय सिंडीकेट की जांच कर रहे ईडी को इससे होने वाली काली कमाई टेरर फंडिंग में खपाने का शक है। इसी वजह से सिंडिकेट के बड़े चेहरों के साथ बांग्लादेश बार्डर पर सक्रिय एजेंटों और सिरप रखने के अड्डों की पड़ताल भी की जा रही है। इस संबंध में खुफिया एजेंसियों से सूचनाएं जुटाई जा रही हैं। खासकर कोडीनयुक्त कफ सिरप बनाने वाली ऐसी कंपनियां जांच के दायरे में हैं, जो अनुमति से अधिक संख्या में इसका निर्माण करती हैं। ये भी पढ़ें - यूपी में घने कोहरे और ठंड का प्रकोप, कई जिलों में स्कूलों का समय बदला, आदेश जारी ये भी पढ़ें - बुंदेलखंड के कई गांवों में फर्जीवाड़ा: पूरा गांव 747 हेक्टेयर का, फसल बीमा करा लिया 1138 हेक्टेयर का 2500 रुपये तक बिक रहा सिरप पता चला है कि सिरप निर्माण के बाद कंपनियां अलग-अलग सिंडिकेट से बांग्लादेश में तस्करी करती है। करीब 200 रुपये कीमत वाले सिरप को बांग्लादेश में एक हजार रुपये तक बेचा जाता है, वहीं खाड़ी देशों में इसकी कीमत ढाई हजार तक है। बार्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) की पड़ताल में सामने आ चुका है कि यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल के रास्ते सिरप की खेप 24 परगना, नदिया, सिलीगुड़ी, कूचबिहार, अलीपुरद्वारा, दिजनापुर के साथ असम, मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय में भंडार किया जाता है। बाद में आलू, प्याज, चाय की पत्ती, के साथ इसे बांग्लादेश भेजा जाता है। पूर्वांचल बना कोडीन सिरप तस्करी का गेटवे, सोलन से आती थी बड़ी खेप कफ सिरप की तस्करी के नेटवर्क का सीधा कनेक्शन हिमाचल प्रदेश के सोलन से सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, सोलन की कई फार्मा कंपनियों से खेप पश्चिम बंगाल के रास्ते झारखंड के रांची में शैली ट्रेडर्स तक पहुंचाई जाती थी, जहां से आगे वितरण किया जाता था। भारत और बांग्लादेश के बीच मेघना नदी के रास्ते बड़े पैमाने पर फेंसिडिल और अन्य सिरप की तस्करी होती थी। इस रूट से 10 हजार करोड़ के अवैध कारोबार की बात सामने आई है। एसटीएफ और ड्रग विभाग की जांच में सामने आया है कि सिरप हिमाचल प्रदेश से मंगाया जाता था तो इसमें तस्करों को दस गुना मुनाफा होता था।
#CityStates #Lucknow #UttarPradesh #LucknowNews #UpNews #CoughSyrup #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Dec 19, 2025, 10:20 IST
UP: नशीले कफ सिरप की तस्करी के रूट व एजेंटों को तलाशेगा ईडी, 2500 रुपये तक बेचा गया दो सौ का सिरप #CityStates #Lucknow #UttarPradesh #LucknowNews #UpNews #CoughSyrup #VaranasiLiveNews
