स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक: डॉ. युद्धवीर सिंह

कार्यक्रम समाचारमेरठ। युवा चेतना के स्वर स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती के अवसर पर सोमवार को मेरठ कॉलेज के डॉ. रामकुमार गुप्ता सभागार में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेरठ कॉलेज के प्राचार्य डॉ. युद्धवीर सिंह ने की। मुख्य वक्ता राजकीय कन्या महाविद्यालय सरधना की प्राचार्य प्रो. अनीता गोस्वामी रहीं। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ. युधवीर सिंह ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में स्वामी विवेकानंद को आधुनिक भारत के शिल्पकार बताया। उन्होंने कहा कि स्वामीजी केवल एक संत नहीं थे, बल्कि उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का अमूल्य मंत्र दिया। मुख्य वक्ता प्रो. अनीता गोस्वामी ने बताया कि स्वामीजी नवंबर 1891 में मेरठ आए थे। यहां उन्होंने एक चिकित्सक से उपचार कराया और सिटी रेलवे स्टेशन के पास मनसा देवी मंदिर के पीछे सेठ जी के बाग में कई महीने निवास किया। उनके साथ स्वामी योगानंद भी थे। इस दौरान वे पुस्तकों के प्रेमी के रूप में तिलक पुस्तकालय (घंटाघर) का नियमित भ्रमण करते थे और मेरठ छावनी में सैनिकों की परेड देखने जाते थे। प्रो. भारद्वाज ने कहा कि मेरठ स्वामीजी की साधना और ज्ञानार्जन का महत्वपूर्ण केंद्र रहा। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अर्चना सिंह (इतिहास विभाग) ने स्वामी विवेकानंद के जीवन को युवाओं के लिए आदर्श बताया। संगोष्ठी में मेरठ कॉलेज के प्रो. सीमा पवार, अर्चना सिंह, अनिल राठी, पंजाब सिंह मलिक, नीरज कुमार, विनय आर्य, अरविंद कुमार, रीना बंसल, काजल वर्मा मौजूद रहे।

#SwamiVivekananda'sThoughtsAreStillRelevantToday:Dr.YudhveerSingh #VaranasiLiveNews

  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 12, 2026, 19:48 IST
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