Urdu Poetry: वो कह रहे हैं कि ऊँची उड़ान बंद करें
वो कह रहे हैं कि ऊँची उड़ान बंद करें कहाँ कहाँ पे हम अपनी ज़बान बंद करें वो आइनों के ख़रीदार बन के आए हैं हमें है हुक्म कि अपनी दुकान बंद करें यहाँ लगान-वसूली भी अब शरी'अत है ये मरने जीने की बातें किसान बंद करें वो एक शोर जो हर पल सुनाई देता है तुम्ही बताओ कि हम अपने कान बंद करें हमें ख़बर है ये कश्ती उभर न पाएगी हुज़ूर आप ये झूटे बयान बंद करें शिकार ढूँडना अब उन के बस की बात नहीं 'सुहैल' उन से ये कह दो मचान बंद करें ~ सुहैल नक़्श हमारे यूट्यूब चैनल कोSubscribeकरें। लिंक पर क्लिक करें और जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएपचैनल से https://whatsapp.com/channel/0029VaXoA27A89Mp96alfc2o
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Oct 14, 2026, 18:12 IST
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