Hisar News: शेख मिर्जा के परिवार ने 350 साल पहले बसाया था गांव मिर्जापुर, विकास से कर रहा कदमताल
हिसार। घिराय मार्ग पर स्थित गांव मिर्जापुर की स्थापना करीब 350 वर्ष पूर्व शेख मिर्जा के अल्पसंख्यक परिवार ने बड़े अरमानों के साथ की थी। हालांकि देश विभाजन की त्रासदी के दौरान वर्ष 1947 में शेख मिर्जा के परिजन पाकिस्तान चले गए, लेकिन गांव आज भी सामाजिक एकता, भाईचारे और शांतिपूर्ण परंपरा के लिए जाना जाता है।करीब 7,000 की आबादी वाले इस गांव के अधिकतर परिवार खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। तीन तिराहों पर बसा यह गांव हिसार से नियाणा, सुलखनी, धान्सू, बरवाला, खोखा और खरकड़ी जैसे कई गांवों को जोड़ता है। बावजूद इसके रेलवे लाइन और राष्ट्रीय राजमार्ग से दूरी होने के कारण परिवहन सुविधाओं से पूरी तरह नहीं जुड़ पाया है। वर्तमान में गांव के सरपंच सादू हैं, जबकि गांव के सतबीर कुछ वर्ष पूर्व ब्लॉक समिति हिसार प्रथम के चेयरमैन रह चुके हैं। हाल के वर्षों में गांव की दूसरी बस्ती पाना महराना को अलग पंचायत का दर्जा भी मिल चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में 36 बिरादरियों के लोग आपसी प्रेम और सौहार्द के साथ रहते हैं, जिसके चलते यहां कभी कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ।देश के लिए शहादत देने वाले तीन वीर सपूतग्रामीण बलवान सिंह बताते हैं कि मिर्जापुर ने देश को तीन शहीद दिए हैं। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान आजाद हिंद फौज से जुड़े तुर्ती और मंगला ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। इसके बाद वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में लेफ्टिनेंट हवा सिंह शहीद हुए, जिन्हें मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी स्मृति में गांव में एक सरकारी विद्यालय संचालित है।सड़कें पक्की पर स्वास्थ्य सेवाओं का अभावगांव में दो सरकारी विद्यालय, बिजली, पक्की सड़कें, पेयजल सुविधा, ग्रामीण बैंक और पशु चिकित्सालय मौजूद हैं। हालांकि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र न होने के कारण ग्रामीणों को इलाज के लिए करीब 10 किलोमीटर दूर हिसार जाना पड़ता है।---गांव में लगभग सभी सुविधाए हैं, लेकिन सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए 10 किमी हिसार दूर जाना पड़ता है। - सरदार सिंह।---गांव में बिजली, पानी, सड़क की सुविधा बेहतर है। दो स्कूलों के साथ ही पास के गांव पाना महराना में भी तीसरा स्कूल बना है। जिला मुख्यालय से करीबी का लाभ भी ग्रामीणों को मिलता है। - अजीत, कारोबारी। --मैं पशुपालन करता हूं। गांव में सभी लोग एक-दूसरे का सम्मान और सहयोग करते हैं। इसी कारण बेहतर भाईचारा है। कभी कोई बड़ा विवाद भी नहीं हुआ है। - राजपाल, ग्रामीण।---अपने कार्यकाल में मैंने कई विकास कार्य करवाए। कई धर्मशालाएं पहले से बनी हैं लेकिन बड़े कार्यक्रम के लिए बरातघर, सामुदायिक भवन या बैंक्वेट हाॅल की जरूरत अब भी है। - सतबीर, पूर्व चेयरमैन, ब्लॉक समिति, हिसार
#SheikhMirza'sFamilySettledTheVillageOfMirzapur350YearsAgo #AndItIsKeepingStrideWithDevelopment. #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Dec 15, 2025, 01:27 IST
Hisar News: शेख मिर्जा के परिवार ने 350 साल पहले बसाया था गांव मिर्जापुर, विकास से कर रहा कदमताल #SheikhMirza'sFamilySettledTheVillageOfMirzapur350YearsAgo #AndItIsKeepingStrideWithDevelopment. #VaranasiLiveNews
