Health News: घर में अगरबत्ती और मॉस्किटो कॉइल बना रहे गंभीर रोगी, चिकित्सकों ने किया आगाह; ऐसे भगाएं मच्छर

घरों में पूजा-पाठ के दौरान जलाई जाने वाली अगरबत्ती और मच्छर भगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मॉस्किटो कॉइल का धुआं सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इससे हाइपर सेंसिटिविटी के साथ-साथ सीओपीडी, अस्थमा और अन्य सांस संबंधी रोगों का जोखिम बढ़ जाता है। एसएन मेडिकल कॉलेज के श्वसन रोग विभाग के चिकित्सक डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि अगरबत्ती और मॉस्किटो कॉइल के धुएं से पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कण निकलते हैं, जो सबसे अधिक हानिकारक माने जाते हैं। ये बेहद छोटे कण होते हैं, जो सांस के जरिए सीधे फेफड़ों में पहुंचकर उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं। घर के अंदर का यह प्रदूषण बाहरी प्रदूषण जितना ही घातक हो सकता है। डॉ. सिंह ने बताया कि जिस तरह खराब एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) के दौरान वातावरण में पीएम 2.5 की मात्रा बढ़ जाती है, उसी तरह घर के अंदर अगरबत्ती और कॉइल जलाने से भी हवा की गुणवत्ता बिगड़ती है। लंबे समय तक इसके संपर्क में रहने से सांस फूलना, खांसी, एलर्जी और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सांस की नली में सूजन भी बढ़ जाती है। उन्होंने सलाह दी कि रात में सोते हुए मॉस्किटो कॉइल न जलाएं। इसके स्थान पर लिक्विड आधारित मच्छर भगाने वाली सामग्रियों का उपयोग करना सुरक्षित है। जिन लोगों को पहले से अस्थमा, सीओपीडी या एलर्जी की समस्या है, उन्हें इनसे सावधानी बरतनी चाहिए। ये भी पढ़ें-Railway News:कोहरे का असरआठ घंटे से भी ज्यादा लेट रही अमृतसर एक्सप्रेस, ये गाड़ियां भी देरी से चलीं

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Dec 28, 2025, 14:18 IST
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