राजनीति: शिअद-भाजपा गठबंधन पर जाखड़ की चुप्पी ने खड़े किए कई सवाल, राजनीतिक दुविधा के बीच फंसा भाजपा नेतृत्व
पंजाब की राजनीति में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का गठबंधन कभी सबसे स्थिर और प्रभावी राजनीतिक प्रयोग माना जाता था। 2020 में किसान आंदोलन के बाद यह गठबंधन टूट गया लेकिन अब यह फिर से सियासी चर्चा का केंद्र बन गया है। कुछ दिन पहले अकाली दल से गठबंधन की वकालत करने वाले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ अब इस विषय पर खामोशी साधे हुए हैं। उनका मौन अब इस सवाल को और भी जटिल बना रहा है। 1997 से 2020 तक यह गठबंधन पंजाब की राजनीति में अहम भूमिका निभाता रहा। 1997 में विधानसभा चुनाव में गठबंधन को 117 में से 93 सीटें मिलीं। 2007 और 2012 में भी यह गठबंधन मजबूत स्थिति में रहा और क्रमशः 67 और 68 सीटों पर जीत हासिल की लेकिन 2020 में गठबंधन टूटने के बाद दोनों दलों को लगातार नुकसान हो रहा है। 2022 विधानसभा चुनाव में अकाली दल को सिर्फ 3 सीटें मिलीं जबकि भाजपा को दो सीटें मिलीं। 2024 लोकसभा चुनाव में अकाली दल को एक सीट और भाजपा को शून्य सीटें मिलीं।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 10, 2026, 13:26 IST
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