Ujjain News: मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, बोले- गरीबों से छीनी जा रही है रोजगार गारंटी
केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलने के फैसले को लेकर सियासी विरोध तेज हो गया है। विधायक महेश परमार ने इस निर्णय को महात्मा गांधी के विचारों पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि भारतीयों की आस्था के केंद्र भगवान राम के नाम से योजना को जोड़कर गरीबों से रोजगार की कानूनी गारंटी छीनी जा रही है। उन्होंने कहा कि रामराज्य की परिकल्पना समान न्याय, समान अधिकार और गरीबों की पीड़ा दूर करने पर आधारित थी, जबकि वर्तमान सरकार योजना को केवल वादों तक सीमित कर रही है। विधायक परमार ने सवाल उठाया कि यदि नई योजना में भ्रष्टाचार होता है, तो क्या इससे भगवान राम के नाम की गरिमा आहत नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शुरू से ही मनरेगा को कमजोर करने और अंततः समाप्त करने की मंशा रखती है। मनरेगा अकुशल मजदूरों के लिए एक सशक्त योजना थी, जिसमें मजदूरी का शत-प्रतिशत बजट केंद्र सरकार वहन करती थी, जबकि सामग्री और प्रशासनिक व्यय में केंद्र का 75 प्रतिशत और राज्य का 25 प्रतिशत योगदान होता था। उन्होंने बताया कि नई वीबी जी राम जी योजना में मजदूरी का अनुपात बदलकर केंद्र का 60 प्रतिशत और राज्य का 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे राज्यों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। साथ ही केंद्र में शक्तियों के केंद्रीकरण के कारण गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव की आशंका भी बढ़ गई है। ये भी पढ़ें:Ujjain:महाकाल दर्शन और सिंहस्थ को मिलेगी रफ्तार, दिसंबर 2026 तक तैयार होगी 46 किमी लंबी सिक्स लेन सड़क राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के सम्मान में जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में विरोध प्रदर्शन किया गया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश परमार और शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी के नेतृत्व में क्षीरसागर स्थित राजीव गांधी भवन से पैदल मार्च निकाला गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नारेबाजी की और क्षीरसागर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला अध्यक्ष महेश परमार और शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने और मजदूरों व गरीबों के अधिकारों में कटौती के प्रयासों का विरोध किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी ने कहा कि हर हाथ को काम दो, काम का पूरा दाम दो के नारे के साथ 23 अगस्त 2005 को संसद ने सर्वसम्मति से मनरेगा कानून पारित किया था, जिसने 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी। इस योजना ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली, मजदूरों की क्रय शक्ति बढ़ाई और गैर-कृषि रोजगार का सृजन किया। मनरेगा से घरेलू आय में लगभग 14 प्रतिशत की वृद्धि और गरीबी में करीब 26 प्रतिशत की कमी आई। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संकट काल में मनरेगा ग्रामीण गरीबों के लिए संजीवनी साबित हुई। हालांकि मनरेगा में 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी थी लेकिन वर्ष 2024-25 में सरकार केवल 42 दिन का रोजगार ही उपलब्ध करा पाई है, जबकि अब 125 दिन रोजगार देने के दावे किए जा रहे हैं। भाटी ने कहा कि सरकार को नाम बदलने के बजाय मजदूरी भुगतान में देरी, काम की कमी और बजट कटौती जैसी वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। मनरेगा से करोड़ों ग्रामीण मजदूर, महिलाएं और आदिवासी वर्ग जुड़े हुए हैं और किसी भी बदलाव का सीधा असर इन्हीं वर्गों पर पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि सरकार इस योजना में किए गए बदलावों को वापस ले।
#CityStates #MadhyaPradesh #Ujjain #Mnrega #CongressProtest #EmploymentGuarantee #CentralGovernment #MlaMaheshParmar #MahatmaGandhi #JiRamJiYojana #CityCongressCommittee #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Dec 22, 2025, 07:45 IST
Ujjain News: मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, बोले- गरीबों से छीनी जा रही है रोजगार गारंटी #CityStates #MadhyaPradesh #Ujjain #Mnrega #CongressProtest #EmploymentGuarantee #CentralGovernment #MlaMaheshParmar #MahatmaGandhi #JiRamJiYojana #CityCongressCommittee #VaranasiLiveNews
