एक्शन: फर्जी दस्तावेज से जम्मू संभाग में बस गए थे पाकिस्तानी नागरिक, आठ मामलों में चार्जशीट; 15 की हो चुकी मौत

जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच ने पाकिस्तानी नागरिकों के कथित अवैध प्रवास और फर्जी भारतीय पहचान के दस्तावेज हासिल करने के मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। स्पेशल क्राइम विंग जम्मू ने जम्मू संभाग के चार जिलों जम्मू, पुंछ, राजोरी और कठुआ में दर्ज आठ मामलों की जांच पूरी कर संबंधित अदालतों में आरोपपत्र दाखिल किए हैं। इन मामलों में 50 जीवित आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किए गए हैं, जबकि 15 अन्य आरोपियों की मौत हो चुकी है। क्राइम ब्रांच के अनुसार, मृत आरोपियों की भूमिका भी जांच में सामने आने पर रिकॉर्ड में दर्ज की गई है। इस संबंध में स्पेशल क्राइम विंग, क्राइम ब्रांच जम्मू में एफआईआर नंबर 16/2024 दर्ज की गई थी। विश्वसनीय सूचना के आधार पर दर्ज मामले में आरोप था कि पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के कई नागरिक वैध यात्रा दस्तावेजों के आधार पर 1970 के दशक के अंतिम वर्षों और उसके बाद भारत आए थे। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बावजूद वे जम्मू संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में रह रहे थे। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ लोगों ने अपनी विदेशी नागरिकता छिपाकर धोखाधड़ी से भारतीय पहचान दस्तावेज हासिल किए। इनमें कुछ पर इन दस्तावेजों के आधार पर सरकारी विभागों में नौकरी प्राप्त करने का भी आरोप है। क्राइम ब्रांच के अनुसार, जांच में पाकिस्तान के सिंध, लाहौर, गुजरांवाला और सरगोधा तथा पीओके के मीरपुर, रावलकोट और कोटली से मूल रूप से जुड़े परिवारों का पता चला। ये परिवार जम्मू संभाग के अखनूर, मेंढर, थन्नामंडी, दरहाल और कठुआ में रह रहे थे। पाकिस्तान और पीओके मूल के परिवारों पर जांच में खुलासा क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम ने पाकिस्तान के सिंध, लाहौर, गुजरांवाला और सरगोधा तथा पीओके के मीरपुर, रावलकोट और कोटली से मूल रूप से जुड़े कई परिवारों की पहचान की। जांच के अनुसार, ये परिवार जम्मू संभाग के अखनूर, मेंढर, थन्नामंडी, दरहाल और कठुआ में रह रहे थे। आरोप है कि कुछ परिवारों ने अपनी विदेशी नागरिकता छिपाकर भारतीय पहचान दस्तावेज हासिल किए। कथित साजिश में भूमिका सामने आने पर भारतीय जीवनसाथियों, परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों को भी आरोपपत्र में शामिल किया गया। चार जिलों में आठ मामलों में आरोपपत्र दाखिल क्राइम ब्रांच के अनुसार, जम्मू जिले के एक मामले में 24 नवंबर 2025 को मुंसिफ जम्मू की अदालत में आठ जीवित और चार मृत आरोपियों से संबंधित आरोपपत्र दाखिल किया गया। पुंछ जिले के दो मामलों में 30 दिसंबर 2025 को दो जीवित और एक मृत तथा 7 मार्च 2026 को 12 जीवित और चार मृत आरोपियों से संबंधित आरोपपत्र पेश किए गए। राजोरी जिले के चार मामलों में 15 अप्रैल, 16 जुलाई, 5 अगस्त और 28 सितंबर 2026 को आरोपपत्र दाखिल किए गए। इनमें क्रमशः चार जीवित व एक मृत, नौ जीवित व एक मृत, दो जीवित तथा 11 जीवित व एक मृत आरोपी शामिल हैं। कठुआ जिले के मामले में 23 अक्तूबर को दो जीवित और तीन मृत आरोपियों से संबंधित आरोपपत्र स्पेशल मोबाइल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की सूचना देने की अपील क्राइम ब्रांच ने विदेशी अधिनियम, 1946, पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920, पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) नियम, 1950 के नियम 6 और रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है। विभाग के अनुसार, मामला अदालत में विचाराधीन है। क्राइम ब्रांच ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी ऐसे विदेशी नागरिक के बारे में जानकारी मिलती है, जो अवैध रूप से रह रहा है या धोखाधड़ी से भारतीय दस्तावेज हासिल कर चुका है, तो इसकी सूचना विभाग को दें।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Oct 25, 2026, 02:03 IST
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