राष्ट्रीय तिनका तिनका इंडिया पुरस्कार: जेल में भी खिली प्रतिभाएं, मानवाधिकार दिवस पर 18 कैदियों को मिला सम्मान
मानवाधिकार दिवस के मौके पर राष्ट्रीय तिनका तिनका इंडिया अवॉर्ड्स 2025 का आयोजन किया गया। इसके तहतइस साल कुल 18 कैदियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें से 13 सजा काट रहेऔर पांच विचाराधीन कैदी हैं। इस साल की पेंटिंग कैटेगरी का विषय था 'जेल में संगीत'।इस कैटेगरी में 11 पुरुष और दोमहिलाएं विजेता बनीं। पश्चिम बंगाल के तपस मंडल ने पहला पुरस्कार जीता। तपस 2008 से बहरामपुर केंद्रीय जेल में हैं और मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने अपनी पेंटिंग में भारत की संगीत विरासत को जीवंत चित्रों और शास्त्रीय इमेजरी के माध्यम से दिखाया। दूसरे पुरस्कार को दो कैदियों में बांटा गया वहीं बात दूसरे पुरस्कार की करें तो इस पुरस्कार को दो कैदियों में बांटा गया है, जिसमें पहला नाम रजनीकांत छितुभाई चौहान जो कि गुजतार केसूरत जेल में हैं। उन्होंनेजेल में संगीत और रचनात्मकता की शक्ति को दर्शाने वाली पेंटिंग बनाई। वहीं दूसरा नाम छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जेल में बंदशेर सिंह का है, जिन्होंनेजेल के भीतर कैदियों की पढ़ाई और संगीत की गतिविधियों को दिखाते हुए एक प्रेरक स्केच तैयार किया। रोहन पाई ने भी पेंटिंग से जीता पुरस्कार इसके साथ ही गोवा की जेल में बंद रोहन पाई धुंगट ने भी अपनी पेंटिंग से पुरस्कार जीता। उनके चित्र में जेल की कोठरी और पियानो जैसी फर्श की पटरियों के माध्यम से आजादी और कैद का अंतर दिखाया गया है। रोहन ने जेल में रहते हुए कई शैक्षणिक डिग्रियां हासिल की हैं। ये भी पढ़ें:-Goa Fire Tragedy: उत्तर गोवा में नाइटक्लब-होटलों के अंदर आतिशबाजी पर पूर्ण रोक, जिला प्रशासन ने जारी किया आदेश नौ कैदियों को मिला सांत्वना पुरस्कार बता दें किइस साल नौकैदियों को सांत्वना पुरस्कार मिला। इनमें गुजरात की जेल में बंदप्रजापति हार्दिक और डॉ. रोहित रमेशभाई लोनकर, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की जेल में बंदरेशमा और धर्मेंद्र, पश्चिम बंगाल की जेल में बंदशोवन सरकार , हरियाणा की जेल में बंद रोशनी, चंडीगढ़ की जेल में बंदडेविड, उत्तर प्रदेश की जेल में बंदकृष्ण कुमार और पश्चिम बंगाल की जेल में बंद अफताब आलम का नाम शामिल।इन सभी ने अपनी पेंटिंगमें जेल में संगीत के सकारात्मक प्रभाव और आशा का संदेश दिखाया। चार कैदियों को मिला विशेष उल्लेख पुरस्कार वहीं इस अवसर पर चार कैदियों को 'विशेष उल्लेख' पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया,जिन्होंने जेल में असाधारण काम किया। इनमें अंडमान की जेल में बंदबिटन दास, गुजरात की जेल में बंदतुकाराम भाई वसावा, मध्य प्रदेश की जेल में बंद आराम और उत्तराखंड की जेल में बंद मोहन सिंह दानु का नाम शामिल है। किसे मिला तिनका-तिनका बंदिनी पुरस्कार वहींइस साल तिनका तिनका बंदिनी पुरस्कार 38 साल की पानबाई (जबलपुर, मध्य प्रदेश) को मिला। पानबाई महिला कैदियों और उनके बच्चों की देखभाल में सक्रिय रही हैं। ये भी पढ़ें:-Shah-Bhagwat Andaman Visit: अमित शाह और मोहन भगवत अंडमान-निकोबार दौरा करेंगे, सावरकर की प्रतिमाकाहोगाअनावरण तिनका तिनका पुरस्कार के बारे में गौरतलब है कितिनका तिनका भारत पुरस्कारभारत का अकेला पुरस्कार है जो जेल के बंदियों और कारागार स्टाफ की प्रतिभा और योगदान को सम्मानित करता है। इस फाउंडेशन ने अब तक 50 से अधिक जेल प्रशासकों और 170 कैदियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कृत किया है। इस बार पुरस्कार देने वालेजूरी में सेवानिवृत्त आईपीएस अरविंद कुमार, डॉ. रश्मि सिंह और तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक प्रोवर्तिका नन्दा शामिल थे। अन्य वीडियो
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Dec 11, 2025, 12:40 IST
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