Jammu News: जन्मदर में हुआ सुधार, अब 1000 के मुकाबले 920 बालिकाएं
सशक्त बेटियां : पंजाब के मुकाबले बेहतर है जम्मू-कश्मीर की स्थिति संवाद न्यूज एजेंसीजम्मू। आधुनिक जमाने के जागरूक समाज में बालिका दिवस को मनाने का उद्देश्य पूरा होता नजर आ रहा है। जम्मू-कश्मीर में बालिकाओं की जन्म दर में सुधार हो रहा है। दो-तीन वर्षों के दौरान लिंगानुपात में सकारात्मक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो सरकारी योजनाओं के असर को भी दर्शाती है।सरकारी जन्म पंजीकरण प्रणाली और सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम से जुड़े 2025 के डेटा के अनुसार जम्मू-कश्मीर में प्रति 1000 लड़कों पर लगभग 920 से अधिक लड़कियां हैं। यह आंकड़ा 2022 और 2023 की तुलना में बेहतर है। 2022–23 में जम्मू-कश्मीर में बालिका जन्म अनुपात अपेक्षाकृत कम था। जबकि 2023-24 के दौरान स्थिरता देखने को मिली, परंतु 2024-25 के डेटा में अनुपात में सुधार दर्ज किया गया है। बेटियों को लेकर बदलती सोच, स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच, समय पर जन्म पंजीकरण और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं का असर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। पड़ोसी राज्यों से तुलना करें तो हिमाचल बालिका जन्म अनुपात के मामले में देश के बेहतर राज्यों में शामिल है। वहीं पंजाब में बालिका जन्म अनुपात अपेक्षाकृत कम बना है।बेटी के जन्म पर लोग पुरानी रुढ़िवादी विचारों को त्याग कर उनका घर पर स्वागत कर रहे हैं। सरकार की तरफ से लिंग जांच को लेकर कड़े नियमों के कारण अब गर्भ में बेटियों को मारने की घटनाएं कम हुई हैं। बेटियों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। -डॉ. अमनदीप कौर आनंद, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ, गांधी नगर अस्पताल।शीतल देवी शीतल देवी ने पैरा-आर्चरी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनके संघर्ष और सफलता की कहानी लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।अनेखा देवीकठुआ में मशेड़ी की अनेखा देवी ने महिला टी 20 वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन कर जम्मू-कश्मीर का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाया। एक मिसाल कायम कर दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनीं। हंसजा शर्मा जम्मू की रिहाड़ी कॉलोनी से निकलकर हंसजा शर्मा ने आसमान तक उड़ान भरते हुए इतिहास रच दिया। वह भारतीय सेना में रुद्र हेलिकॉप्टर की पहली महिला पायलट बनीं। सिमरन बालाराजोरी की असिस्टेंट कमांडेंट सिमरन बाला गणतंत्र दिवस पर सीआरपीएफ पुरुष दस्ते का नेतृत्व करेंगी। नई दिल्ली परेड के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 24, 2026, 03:02 IST
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