MP News: वरिष्ठ साहित्यकार रामप्रकाश त्रिपाठी बोले- साहित्य केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि समाज की चेतना है
साहित्य केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि समाज की चेतना है। वरिष्ठ साहित्यकार एवं संस्कृतिकर्मी रामप्रकाश त्रिपाठी ने यह बात मप्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन भोपाल जिला इकाई के बैनर तले इंद्रपाल सिंह 'तन्हा' के ग़ज़ल संग्रह 'ठहरा हुआ वक़्त' के लोकार्पण एवं चर्चा कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कही। त्रिपाठी ने कहा कि इंद्रपाल सिंह का गजल संग्रह हमारे समय की स्थिति को दर्शाता दस्तावेज हैं। इसमें गजल केवल शायरी नहीं है, बल्कि वह प्रतिरोध की भाषा भी है। तन्हा जी की गजलें शोर नहीं करती, परन्तु हमारे भीतर उतरती हैं। ये भी पढ़ें-मप्र का गौरव बढ़ाने वाली विभूतियों का सम्मान:विधानसभा अध्यक्ष बोले–पत्रकारिता समाज में चेतना का संचार करती है इसी किताब पर चर्चा करते हुए शायर बद्र वास्ती और अपर्णा पात्रीकर ने इसे 'दुष्यंत' की विरासत का विस्तार बताया। उन्होंने कहा कि इन्द्रपाल सिंह तन्हा ने वर्तमान व्यवस्था के हर पहलू पर बेबाक ढंग से शेर कहे हैं। कार्यक्रम की रूपरेखा इकाई अध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता ने प्रस्तुत की और स्वागत उद्बोधन दिया। अतिथियों का आभार इकाई के सचिव महेश दुबे 'मनुज' ने माना। शायर तन्हा ने 'ठहरा हुआ वक़्त' से प्रतिनिधि रचनाओं का पाठ भी किया। इस अवसर पर अनेक वरिष्ठ साहित्यकार और साहित्य अनुरागी मौजूद थे। ये भी पढ़ें-जस्टिस अग्रवाल का समानता मंत्र-नेता,अफसर के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ें, सरकारी में अस्पताल में कराएं इलाज
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Dec 14, 2025, 20:00 IST
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