MP News: डिप्टी सीएम बोले- थैलेसिमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने मामले में जांच समिति गठित
सतना जिला अस्पताल में थैलेसिमिया पीड़ित चार बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने के मामले में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई है। जांच की निगरानी प्रमुख सचिव स्वास्थ्य करेंगे। मंगलवार को भोपाल के जनसंपर्क संचालनालय में दो साल के कार्यकाल की उपलब्धियां बताने डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की।उन्होंने सतना में चार थैलेसिमिया पीड़ित बच्चों के संक्रमित मिलने के मामले में एक सवाल के जवाब कहा कि चार बच्चों में से एक बच्चे के माता-पिता एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं। बाकी तीन बच्चों के ब्लड कहां से चढ़ाया गया और कब-कहां ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया गया, इसकी पूरी जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रमुख सचिव ने जांच कमेटी बनाई है। इसको प्रमुख सचिव देखेंगे। ये भी पढ़ें-Bhopal News:प्रदेशभर में फरार आरोपियों पर कसा शिकंजा, तीन दिन में 1100 से ज्यादा वारंटी गिरफ्तार इंदौर समेत कई शहरों में नए मेडिकल कॉलेज भवनों को मंजूरी वहीं, उन्होंने बताया कि 2003 से पहले बने पुराने मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी हैं। इनमें भोपाल, इंदौर, रीवा, ग्वालियर और जबलपुर के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। इंदौर और रीवा में नई बिल्डिंग निर्माण के लिए स्वीकृति जारी की गई है। ग्वालियर और जबलपुर में डीपीआर तैयार की जा रही है। नई बिल्डिंगों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि मरीजों को एक अस्पताल में सभी सुविधाएं मिल सकें और दूसरी जगह रेफर करने की जरूरत न पड़े। भोपाल में नई बिल्डिंग बन गई और दूसरी सुविधाएं बढ़ाने का काम किया जा रहा है।इसके अलावा, जबलपुर जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में चूहों के घूमने का वीडियो सामने आने पर डिप्टी सीएम ने कहा कि यह समस्या पुरानी बिल्डिंगों में देखी जा रही है। वर्तमान में पेस्ट कंट्रोल किया जा रहा है। इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। ये भी पढ़ें-MP News:सरकार के 2 साल पूरे होने पर कांग्रेस का हमला, पूर्व कृषि मंत्री बोले- कोरे झूठे वादे कर रहे, किसान बेहाल डिप्टी सीएम ने गिनाई दो साल की उपलब्धियां डिप्टी सीएम ने उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि शासकीय मेडिकल कॉलेजों की संख्या 14 से बढ़कर 19 हो चुकी है, जबकि निजी मेडिकल कॉलेज 12 से बढ़कर 14 हो गए हैं। आगामी शैक्षणिक सत्र से दमोह, बुधनी और छतरपुर में नए मेडिकल कॉलेज प्रारंभ किए जाएंगे। इसके साथ ही राजगढ़, मंडला और उज्जैन में मेडिकल कॉलेज स्थापना का कार्य तेजी से प्रगति पर है। पीपीपी मॉडल के अंतर्गत 9 जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें कटनी, धार, पन्ना और बैतूल में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इंदौर स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में 50 एमबीबीएस सीटों के साथ शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ हो गई हैं। ये भी पढ़ें-Cabinet Meeting:कर्मचारी व्यवस्था में बड़ा बदलाव,7 कैटेगरी खत्म, अब सिर्फ तीन वर्ग,1782 करोड़ का सिंचाई पैकेज एमबीबीएस सीटों की संख्या 2850 हुई उपमुख्यमंत्री ने बताया कि शासकीय एमबीबीएस सीटों की संख्या 2275 से बढ़कर 2850 हो गई है, जबकि शासकीय और निजी क्षेत्र को मिलाकर कुल एमबीबीएस सीटें 5550 तक पहुंच चुकी हैं। पीजी (एमडी/एमएस) सीटों की संख्या 1262 से बढ़कर 1468 हो गई है और कुल पीजी सीटें 2862 हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त 93 सुपर स्पेशियलिटी सीटों की उपलब्धता से उन्नत चिकित्सा शिक्षा और विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूती मिली है।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Dec 16, 2025, 21:40 IST
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