AI: एआई की रेस में झोंका जा रहा अंधाधुंध पैसा, एक-दूसरे का टैलेंट हड़प रही कंपनियां, सीईओ का बड़ा खुलासा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में बने रहना अब कंपनियों के लिए महंगा सौदा साबित हो रहा है। इसकी रेस में बने रहने के लिए कंपनियों को भारी-भरकम निवेश करना पड़ रहा है। Microsoft AI के CEO मुस्तफा सुलेमान ने साफ शब्दों में कहा है कि अगले 5 से 10 वर्षों में AI के फ्रंटियर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए कंपनियों को सैकड़ों अरब डॉलर खर्च करने पड़ सकते हैं। एआई बढ़ा रहा कंपनियों पर आर्थिक बोझ एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सुलेमान ने बताया कि यह लागत सिर्फ सर्वर या हार्डवेयर तक सीमित नहीं है। इसमें विशाल डेटा सेंटर्स, हाई-एंड एआई चिप्स, कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और स्पेशलाइज्ड एआई टैलेंट की भारी कीमत भी शामिल है। उन्होंने कहा कि आज एआई रिसर्चर्स और टेक्निकल स्टाफ को दी जा रही मोटी सैलरी भी इस खर्च को और बढ़ा रही है। यह भी पढ़ें:Apple ने 2025 में बंद किए 20 से ज्यादा प्रोडक्ट्स, iPhone से MacBook तक शामिल, देखें पूरी लिस्ट सुलेमान के मुताबिक, इतनी बड़ी पूंजी की जरूरत बड़े और स्थापित टेक दिग्गजों को साफ बढ़त देती है। उन्होंने कहा कि AI की जंग सिर्फ मशीनों की नहीं, बल्कि बेहतरीन इंसानी दिमागों की भी है, जहां टैलेंट को लेकर जबरदस्त प्रतिस्पर्धा चल रही है। Microsoft को बताया मॉडर्न कंस्ट्रक्शन कंपनी Microsoft की तुलना करते हुए सुलेमान ने उसे एक आधुनिक कंस्ट्रक्शन कंपनी बताया, जहां लाखों कर्मचारी गीगावॉट स्तर के सीपीयू और एआई एक्सेलेरेटर्स बनाने में जुटे हैं। उनका कहना है कि इस स्केल पर काम करना केवल बड़ी कंपनियों के लिए ही संभव है, जिससे उन्हें स्ट्रक्चरल एडवांटेज मिलता है।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Dec 26, 2025, 16:39 IST
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