Maharashtra: कपड़े से ढका चेहरा और रस्सी से बंधे हाथ; नगर निमग चुनाव में गैंगस्टर बना प्रत्याशी, किया नामांकन

चेहरे पर काले कपड़े से ढके और हाथ बंधे हुए, अपने पोते की कथित हत्या के आरोप में जेल में बंद स्थानीय गैंग लीडर बंदू अंडेकर को शनिवार को यहां एक सरकारी दफ्तर ले जाया गया, जहां उन्होंने पुलिस सुरक्षा के बीच पुणे में होने वाले नगर निगम चुनावों के लिए अपना नॉमिनेशन फाइल किया। पुणे की राजनीति में शनिवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने कानून, अपराध और चुनावी प्रक्रिया तीनों को एक साथ चर्चा के केंद्र में ला दिया। चेहरे पर काला कपड़ा, हाथ रस्सी से बंधे और भारी पुलिस सुरक्षा के बीच एक स्थानीय गैंग लीडर जेल से सीधे नामांकन केंद्र पहुंचा। यह वही शख्स है, जो अपने ही पोते की हत्या के आरोप में न्यायिक हिरासत में बंद है, लेकिन अब उसने आगामी नगर निगम चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। जेल में बंद आरोपी ने दाखिल किया नामांकन पोते की हत्या के मामले में जेल में बंद स्थानीय गैंग लीडर बंडू आंडेकर को पुणे की विशेष मकोका अदालत ने सशर्त अनुमति दी थी। इसी अनुमति के आधार पर शनिवार को उसे पुलिस वैन से नामांकन केंद्र लाया गया। काले कपड़े से चेहरा ढका हुआ था और हाथ रस्सी से बंधे थे। इसके बावजूद उसने नामांकन केंद्र के अंदर जाते समय अपने समर्थन में नारे लगाए। आंडेकर ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया। ये भी पढ़ें-तमिलनाडु में द्रविड़ मॉडल की गूंज, CM स्टालिन बोले- हमें वोट न देने वाले भी कर रहे काम की तारीफ अदालत की अनुमति से परिवार ने भी भरे पर्चे अदालत के आदेश के तहत बंडू आंडेकर की बहू लक्ष्मी आंडेकर और बहू सोनाली आंडेकर ने भी नामांकन दाखिल किया। ये दोनों भी उसी हत्या मामले में आरोपी हैं और न्यायिक हिरासत में हैं। तीनों ने पुणे नगर निगम के भवानी पेठ वार्ड कार्यालय में अपने-अपने पर्चे भरे। उनके वकील मिथुन चव्हाण ने बताया कि सभी ने अदालत की शर्तों का पालन करते हुए नामांकन प्रक्रिया पूरी की। 15 जनवरी को होने हैं नगर निकाय चुनाव महाराष्ट्र में पुणे सहित 28 नगर निकायों के चुनाव 15 जनवरी को प्रस्तावित हैं। ऐसे समय में जेल में बंद आरोपियों द्वारा नामांकन दाखिल किया जाना राजनीतिक और कानूनी बहस को जन्म दे रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र नामांकन केंद्र के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। पोते की हत्या से जुड़ा है पूरा मामला यह पूरा मामला 5 सितंबर को नाना पेठ इलाके में हुई एक सनसनीखेज हत्या से जुड़ा है। बंडू आंडेकर के पोते आयुष कोमकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आयुष, गणेश कोमकर का बेटा था, जो पहले से एक अन्य हत्या मामले में आरोपी है। गणेश पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पूर्व नगरसेवक और बंडू आंडेकर के बेटे वनराज आंडेकर की हत्या का आरोप है। इस तरह यह मामला आपसी दुश्मनी और हिंसा की लंबी कड़ी से जुड़ा हुआ है। 15 अन्य आरोपियों के साथ जेल में बंद बंडू उर्फ सूर्यकांत राणोजी आंडेकर (70), लक्ष्मी उदयकांत आंडेकर (60) और सोनाली वनराज आंडेकर (36) नाना पेठ इलाके के निवासी हैं। इनके साथ कुल 15 अन्य लोग भी आयुष की हत्या के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। सभी पर हत्या और साजिश से जुड़े गंभीर आरोप हैं। इसके बावजूद चुनावी मैदान में उतरना, स्थानीय राजनीति की जटिल और विवादित तस्वीर पेश करता है। अन्य वीडियो-

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Dec 27, 2025, 20:02 IST
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