कैसे होगी पढ़ाई: मदरसे की मान्यता निलंबित, 2678 छात्रों का भविष्य पर संकट, बोर्ड से मांगा मार्गदर्शन

UP News: ब्रिटिश मौलाना से शिक्षण कार्य लेने और वेतन देने के मामले में मुबारकपुर कस्बे के जिस मदरसे की मान्यता निलंबित की गई है, उसमें 2678 छात्र- छात्राएं तालीम ले रहे हैं। मदरसा बोर्ड द्वारा मान्यता निलंबित होने से अब इन छात्रों का भविष्य अधर में हो गया है। इस संबंध में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसा बोर्ड को पत्र भेजकर मार्गदर्शन मांगा है। दारूल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम को मदरसा बोर्ड ने 28 सितंबर 1948 को उच्च आलिया स्तर की स्थाई मान्यता दे दी थी। इस मदरसे के आलिया सेक्सन में मूल रूप से संत कबीर नगर जिले का रहने वाला शमसुल हुदा खान 12 जुलाई 1984 में शिक्षक नियुक्त हुआ। अपनी नियुक्ति के कुछ ही वर्षों बाद वह अवैतनिक अवकाश लेकर देश- विदेश की यात्रा करने लगा था। इसी दौरान उसने दिसंबर 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता ले लिया। उधर दोहरी नागरिकता के बाद भी मुबारकपुर के मदरसे में शिक्षक बना रहा। इसके बाद वर्ष 2017 में स्वैच्छित सेवानिवृत्ति ले लिया।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jan 12, 2026, 20:29 IST
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