भगवान शिव सुख और कल्याण के अधिपति : साध्वी मनस्विनी
धर्मशाला। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा मटौर में रविवार को पांच दिवसीय श्री शिव कथा का शुभारंभ किया गया। कथा के प्रथम दिन आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी मनस्विनी भारती ने भगवान शिव की महिमा का बखान करते हुए उन्हें सुख और कल्याण का अधिपति बताया। उन्होंने कहा कि शिव साक्षात परमात्मा हैं, जो समस्त जीवों को आत्मज्ञान प्रदान कर ईश्वर से जुड़ने की कला सिखाते हैं। साध्वी ने स्पष्ट किया कि केवल कथा सुनना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसमें गहराई से उतरना आवश्यक है और यह कला केवल एक पूर्ण संत ही सिखा सकते हैं। उन्होंने सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए चंचुला स्त्री का उदाहरण दिया, जिसे सत्संग के माध्यम से ही शिव धाम की प्राप्ति हुई। वेदों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि एक घड़ी के सत्संग की तुलना स्वर्ग के समस्त ऐश्वर्य से भी नहीं की जा सकती। उन्होंने शिव-पार्वती संवाद के माध्यम से बताया कि बिना संत की कृपा के विद्या, धन और बल सब निरर्थक हैं। सत्संग का वास्तविक अर्थ समझाते हुए उन्होंने कहा कि यह सत्य यानी परमात्मा और संग यानी मिलन का संगम है, जहां संत मध्यस्थ की भूमिका निभाते हैं। पहले दिन कथा की पवित्र ज्योति निर्मल सिंह, विजय कुमार, निर्दोष कुमार, केसी कुमार और ममता देवी ने जलाई। संवाद
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jan 04, 2026, 17:45 IST
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