खरीफ फसलों पर संकट: महाराष्ट्र और तेलंगाना में 85 फीसदी तक घटी बुवाई; कमजोर मानसून से झटका

मानसून की सुस्ती ने इस साल देश के बड़े कृषि उत्पादक राज्यों को चिंता में डाल दिया है। इन राज्यों में खरीफ फसलों की बुवाई पिछले साल के मुकाबले 85 फीसदी तक कम हुई है। महाराष्ट्र राज्य कृषि विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार तक महाराष्ट्र में सिर्फ 5,16,250 हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हो सकी है, जो पिछले साल के 33.8 लाख हेक्टेयर से करीब 85 फीसदी कम है। राज्य के सामान्य खरीफ क्षेत्र (157.5 लाख हेक्टेयर) का अभी तक सिर्फ 3 फीसदी हिस्सा ही कवर हो पाया है। महाराष्ट्र में बारिश तो शुरू हो गई है, लेकिन कमी अभी तक पूरी नहीं हुई है। राज्य में एक से 24 जून के दौरान सामान्य से 63 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। जलाशयों में पानी का स्तर घटकर 23 फीसदी रह गया है, जो पिछले साल 40 फीसदी था। राज्य में धान का रकबा 58,583 हेक्टेयर से घटकर 29,525 हेक्टेयर, मक्का 3.66 लाख हेक्टेयर से गिरकर 30,428 हेक्टेयर और बाजरा 1.08 लाख हेक्टेयर से घटकर 2,743 हेक्टेयर रह गया है। सोयाबीन का रकबा 11.5 लाख हेक्टेयर से घटकर सिर्फ 60,441 हेक्टेयर पर आ गया है। कपास की बुवाई भी 11.5 लाख हेक्टेयर से घटकर 3,40,817 हेक्टेयर रह गई है। वहीं, तेलंगाना में 14.8 लाख एकड़ में बुवाई हुई है, जो पिछले साल के 28.4 लाख एकड़ से 48 फीसदी कम है। यह सामान्य सीजन क्षेत्र 132.4 लाख एकड़ का 11 फीसदी ही है। प्रदेश में जून में अब तक 84.6 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 17 फीसदी कम है। हालांकि, जलाशयों में पानी का स्तर पिछले साल से बेहतर है। ट्रैक्टर और दोपहिया वाहनों की बिक्री में आ सकती है गिरावट ट्रैक्टर और एंट्री-लेवल दोपहिया बनाने वाली कंपनियों का कहना है कि चालू वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों में बिक्री मजबूत रही थी, लेकिन खेती की इस सुस्ती के कारण साल का अंत मामूली बढ़त या गिरावट के साथ हो सकता है। ग्रामीण मांग कमजोर होने के कारण प्रीमियम पर्सनल केयर, पैकेज्ड स्नैक्स, गर्म पेय पदार्थ और होम इंप्रूवमेंट से जुड़े सामानों की बिक्री पर बड़ी मार पड़ सकती है। हालांकि, खाद्य और जरूरी वस्तुओं की बिक्री पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ने का अनुमान है। ये भी पढ़ें:उद्योगों को बड़ी राहत, सरकार ने एलपीजी आपूर्ति पर लागू सभी प्रतिबंध हटाए; जानिए क्या मिलेगा फायदा राजस्थान में 20% हिस्सा कवर राजस्थान में सोमवार तक 32.78 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी है, जो पिछले साल के 32.84 लाख हेक्टेयर के लगभग बराबर है। राज्य के सामान्य क्षेत्र 164.1 लाख हेक्टेयर का 20 फीसद हिस्सा कवर हो चुका है। राजस्थान में भले ही मानसून तरह नहीं पहुंचा है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियों के कारण राज्य में एक से 23 जून के बीच सामान्य से 26 फीसद अधिक बारिश दर्ज की गई है। आंध्र प्रदेश ने पकड़ी रफ्तार आंध्र प्रदेश में खरीफ बुवाई 2.95 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई है, जो पिछले साल से 102 फीसदी अधिक है। यह कुल सामान्य क्षेत्र का 10 फीसदी है। धान का रकबा 61,000 हेक्टेयर से बढ़कर 93,000 हेक्टेयर और कपास का 39,000 हेक्टेयर से बढ़कर 1,35,000 हेक्टेयर पहुंच गया है। दालों का कुल रकबा भी 10,000 हेक्टेयर से बढ़कर 22,000 हेक्टेयर हो गया है।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Jun 26, 2026, 02:38 IST
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