गंगा-जमुनी तहजीब से लोगों का परिचय करवाते हैं कवि प्रदीप के गीत...
'ऐ मेरे वतन के लोगों, जरा आंख में फर लो पानी कुछ याद उन्हें भी कर लो, जो लौट के फिर ना आएं आजादी के बाद से अब तक कवि प्रदीप की ये पंक्तियां गीतों का सिरमौर बनी हुई हैं। अपने समय में शब्दों की आकाशगंगा में अपनी चमक बिखेर रहे कवि प्रदीप नाम के सितारे की ये पंक्तियां आज भी नस-नस में देशभक्ति का जज़्बा पैदा करती हैं और सही रास्ते के चयन का मार्ग प्रशस्त करती हैं, मनोबल बढ़ाती हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने इस गीत की रचनात्मकता के पीछे की कहानी बताते हुए कहा था- 1962 के भारत-चीन युद्ध में भारत की हार से लोगों का मनोबल गिर गया था, ऐसे में सरकार की तरफ़ से फ़िल्म जगत के लोगों से ये अपील की गई कि- भई अब आप लोग ही कुछ करिए। कुछ ऐसी रचना करिए कि पूरे देश में एक बार फिर से जोश आ जाए और चीन से मिली हार के ग़म पर मरहम लगाया जा सके।
#Kavya #MainInkaMureed #KaviPradeep #कविप्रदीप #KaviPradeepSongs #कविप्रदीपकेगीत #VaranasiLiveNews
- Source: www.amarujala.com
- Published: Dec 10, 2018, 19:15 IST
गंगा-जमुनी तहजीब से लोगों का परिचय करवाते हैं कवि प्रदीप के गीत... #Kavya #MainInkaMureed #KaviPradeep #कविप्रदीप #KaviPradeepSongs #कविप्रदीपकेगीत #VaranasiLiveNews
