JEE Advanced: 'हर चुनौती मेरे लिए प्रेरणा', जेईई मेन्स में इतिहास रचने वाले छात्रों ने बताया कामयाबी का राज
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए होने वाली जेईई एडवांस्ड की परीक्षा के नतीजे घोषित हो गए हैं। रिजल्ट में तीन छात्रों को उल्लेखनीय सफलता मिली है। कोटा की कोचिंग से पढ़ाई के बाद इन्होंने ऑल इंडिया लेवल पर पहली, दूसरी और तीसरी रैंक हासिल की है। लगातार तीसरे वर्ष ऑल इंडिया टॉपर एलन कोटा से चुने गए हैं। लड़कियों में पूरे भारत में शीर्ष स्थान पाने वाली आरोही देशपांडे भी एलन कोटा क्लासरूम की छात्रा हैं। टॉप 10 छात्रों में से छह ने एलन से पढ़ाई की है। हर चुनौती मेरे लिए मोटिवेशन होती हैः शुभम कुमार जेईई एडवांस्ड परीक्षा में पूरे देश में पहला स्थान शुभम कुमार ने हासिल किया है। शुभम एलन कोटा के क्लासरूम प्रोग्राम के छात्र हैं और उन्होंने जेईई एडवांस्ड परीक्षा में 360 में से 330 अंक पाकर पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। जेईई एडवांस्ड टॉपर शुभम ने जेईई मेन में 100 परसेंटाइल स्कोर किया था और ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की थी। मूलतः गया बिहार के साधारण परिवार से आने वाले शुभम की सफलता लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है। पिछले दो वर्षों से एलन क्लासरूम स्टूडेंट शुभम ने साबित किया है कि सही गाइडेंस, अनुशासन, नियमित अभ्यास और कॉन्फिडेंस से बेहतर परिणाम दिए जा सकते हैं। शुभम की इस सफलता के बाद परिवार, रिश्तेदारों और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। पिता शिवकुमार गया में हार्डवेयर की दुकान संचालित करते हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं। शुभम की बड़ी बहन वर्तमान में आईआईटी पटना में कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रही हैं। एलन के साथ घर का शैक्षणिक माहौल और परिवार का निरंतर सहयोग शुभम की सफलता की मजबूत नींव बना। शुभम ने बताया, 'मेरी सक्सेस का सबसे बड़ा कारण मेरे टीचर्स और परिवार का त्याग और विश्वास रहा। पिता ने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया, जबकि मां ने हर भावनात्मक एवं मानसिक मजबूती दी। मैंने हमेशा फैकल्टीज की हर बात को गंभीरता से सुना और उन्हीं के बताए हुए तरीके को फॉलो किया। जब भी कोई टॉपिक कठिन लगता था, मैं बार-बार डाउट पूछता था। एलन की फैकल्टीज ने हर कॉन्सेप्ट को बेसिक्स से समझाया, जिससे मेरी नींव बहुत मजबूत हुई। मुझे लगता है कि अगर छात्र अपने टीचर्स पर भरोसा करके अनुशासन के साथ पढ़ाई करें, तो बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।' शुभम ने बताया, 'मैं रोजाना 6 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते था। क्लास में पढ़ाए गए विषयों को उसी दिन रिवाइज करना मेरे डेली रूटीन में शामिल था। डेली प्रश्नों की प्रैक्टिस करते थे और कमजोर विषयों पर विशेष फोकस करता था। जेईई की तैयारी में कई बार दबाव आ जाता है, लेकिन मैंने उसे कभी कमजोरी नहीं बनने दिया। मैंने हर चुनौती को मोटिवेशन में बदला। मेरा पूरा फोकस सिर्फ अपने लक्ष्य पर था। अब मैं देश के आईआईटी, मुंबई की सीएस ब्रांच से बीटेक करूंगा।' सेल्फ स्टडी पर फोकस और क्वालिटी लर्निंग जरूरी: कबीर छिल्लर एलन कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने जेईई-एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-2 प्राप्त की है। परिवार मूलतः दिल्ली-एनसीआर गुरूग्राम से है। पिछले दो वर्षों से एलन कोटा के क्लासरूम प्रोग्राम के छात्र कबीर की यह उपलब्धि लगातार मेहनत, सटीक रणनीति और सेल्फ विश्लेषण का परिणाम है। कबीर के पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और वर्तमान में दिल्ली एनसीआर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां प्रियंका छिल्लर प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। कबीर ने जेईई-मेन में 300 में से 300 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया में दूसरी रैंक हासिल की है। कबीर छिल्लर ने 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों से पास की थी। कबीर आईआईटी मुम्बई से कम्प्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद दुनिया के नंबर-1 मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है। कबीर ने बताया 'मेरी सफलता का मुख्य कारण एलन कोटा में फैकल्टीज का गाइडेंस मानता हूं, साथ ही मैंने अपने पढ़ाई करने के तरीके को भी अलग बनाया है। क्योंकि मैं सेल्फ स्टडीज में अटेंशन स्पान और क्वालिटी देखता हूं। हर टेस्ट के बाद खुद का एनालिसिस किया और जहां कमी थी, उसी पर सबसे ज्यादा फोकस किया।' 'मैं एग्जाम से पहले स्टडी स्ट्रेटेजी को फाइन ट्यून करता हूं। नियमित मॉक टेस्ट देने के साथ-साथ हर पेपर का गहराई से एनालिसिस किया, जिससे मेरी एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट दोनों बेहतर होते चले गए। कॉन्सेप्ट क्लियर होना सबसे जरूरी है। रटने की बजाय हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करना ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही। पढ़ाई को छोटे-छोटे टारगेट्स में विभाजित किया, शॉर्ट नोट्स बनाए और नियमित रिवीजन को अपनी आदत बनाया।' कबीर ने बताया कि गलतियों को दोहराने से बचने के लिए मैं हर टेस्ट के बाद कमजोरियों पर फोकस करता था। मैं दोस्तों के साथ समय बिताता हूं, जिससे मानसिक रूप से रिफ्रेश रहने में मदद मिलती है।' अनुशासित और नियमित प्रयासों से ही मिलते हैं बड़े परिणाम: जतिन चाहर एलन क्लासरूम के छात्र जतिन कुमार चाहर ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-3 प्राप्त की है। जतिन छह साल से एलन के रेगुलर क्लासरूम स्टूडेंट है। परिवार मूलतः राजस्थान के झुंझुनूं जिले के छोटे से गांव गोठ से है। जतिन साधारण ग्रामीण परिवेश से आता है। जतिन ने 10वीं कक्षा 97 प्रतिशत एवं 12वीं कक्षा 95.2 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण की। जेईई मेन ऑल इंडिया रैंक 133 प्राप्त की। इसके अलावा चारों ओलंपियाड्स आईजेएसओ, आईईएसओ, आईओएए एवं आईएनसीएचओ में ओसीएससी कैम्प तक पहुंच चुका है। जतिन ने बताया कि 'सफलता किसी एक दिन की मेहनत से नहीं मिलती, बल्कि रोजाना की छोटी-छोटी कोशिशें ही बड़ा परिणाम बनती हैं। मैंने शुरुआत से ही अपना पूरा फोकस कॉन्सेप्ट क्लियर करने पर रखा। विषय को गहराई से समझना जरूरी है। एलन फैकल्टीज ने हर टॉपिक को बहुत अच्छे तरीके से समझाया। मैं क्लास में पूरा ध्यान देता था और उसी दिन पढ़ाए गए टापिक को दोबारा रिवाइज करता था। मॉक टेस्ट देता था और हर टेस्ट के बाद अपनी गलतियों का एनालिसिस करता था। मैंने कभी नंबरों पर फोकस नहीं किया। मेरा लक्ष्य कमजोरियों को पहचानकर उन्हें सुधारना था।' जतिन ने बताया कि 'टेस्ट में जहां गलती होती थी, वहां ज्यादा मेहनत करता था। मैं रोजाना लगभग 7 से 8 घंटे सेल्फ-स्टडी करता था, क्योंकि मेरा मानना है कि जेईई की तैयारी में निरंतरता सबसे ज्यादा जरूरी होती है। मैं अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दूंगा। परिवार के विश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने मेरा आत्मविश्वास मजबूत बनाए रखा। पेरेन्ट्स ने हमेशा मुझे मोटिवेट किया। उन्होंने कभी दबाव नहीं बनाया, बल्कि हर परिस्थिति में मेरा साथ दिया। जब भी मैं थकता था, परिवार और टीचर्स मुझे फिर से प्रेरित करते थे। मैं आईआईटी मुम्बई से बीटेक करने के बाद सिविल सर्विस में जाना चाहता हूं।' जेईई एडवांस्ड के नतीजों में एलन कोटा का दबदबा जेईई एडवांस्ड परीक्षा के नतीजों में एलन के क्लासरूम प्रोग्राम के छात्रों का दबदबा रहा और टॉप 10 छात्रों में से छह एलन क्लासरूम के छात्र हैं। इतना ही नहीं लगातार तीसरे साल जेईई एडवांस्ड का ऑल इंडिया टॉपर एलन कोटा का छात्र है। पूरे देश में लड़कियों में टॉप करने वाली आरोही देशपांडे भी एलन कोटा क्लासरूम की छात्रा है। ऑनलाइन लाइव कोर्स के यशवर्धन की ऑल इंडिया रैंक-52 है, जो भारत के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स की सर्वश्रेष्ठ रैंक है।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 01, 2026, 09:35 IST
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