होर्मुज से ओमान तक तनातनी: ट्रंप पर ईरान का पलटवार, भारतीय नाविकों की मौत को लेकर अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है। इस बार विवाद के केंद्र में भारतीय नाविकों की मौत और होर्मुज जलडमरूमध्य में हुए जहाजों पर हमले हैं। ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने भारतीय नाविकों को ले जा रहे जहाजों पर हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। ईरान ने इसे बेबुनियाद आरोप बताते हुए उल्टा अमेरिका पर ही भारतीय जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय तनाव के साथ-साथ भारत से जुड़े मानवीय पहलू को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। क्या है ट्रंप का दावा और ईरान का जवाब ईरान के भारत स्थित दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति का आरोप पूरी तरह निराधार है। दूतावास ने दावा किया कि एक सप्ताह से भी कम समय में अमेरिका ने तीन भारतीय जहाजों पर हमला किया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई। ईरान ने कहा कि ट्रंप का बयान असली मुद्दे से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश है। ईरानी पक्ष ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अमेरिका पर क्षेत्र में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है। ये भी पढ़ें-Explainer:PoJK में गोलियों की गूंज, कश्मीर में जोजिला के जश्न का शोर; देखें विकास की पटरी पर कौन-कहां खड़ा भारतीय नाविकों की मौत पर ईरान ने क्या कहा ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भारतीय नाविकों की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिकों की जान जाना बेहद दुखद है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। बघाई ने अमेरिका की कार्रवाई को सशस्त्र लूट और राज्य प्रायोजित समुद्री डकैती करार दिया। उन्होंने भारतीय जनता और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। ईरान का कहना है कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान सभी देशों की जिम्मेदारी है। अमेरिका के आरोप ईरान के जवाब ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज क्षेत्र में भारतीय नाविकों वाले जहाजों पर हमलों के पीछे ईरान का हाथ था। ईरान ने आरोप को बेबुनियाद बताया और कहा कि हमलों के लिए अमेरिका जिम्मेदार है। अमेरिकी पक्ष ने हमलों को ईरान से जोड़ने की कोशिश की। ईरान का दावा है कि अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविक मारे गए। क्या अमेरिका और ईरान के बीच तनाव नए मोड़ पर पहुंच गया है यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। ट्रंप प्रशासन लगातार ईरान पर दबाव बनाए हुए है, जबकि तेहरान अमेरिकी नीतियों को क्षेत्रीय अस्थिरता का कारण बता रहा है। भारतीय नाविकों की मौत से जुड़े आरोपों ने इस विवाद को और संवेदनशील बना दिया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं। इससे पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद अस्थिरता और बढ़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान की क्या मांग है ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अमेरिका की कथित कार्रवाई की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की है। बघाई ने कहा कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं वैश्विक शांति, समुद्री व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता के लिए खतरा हैं। उनका कहना है कि यदि ऐसे मामलों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संस्थाओं से भी इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की है। भारत के लिए यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है इस पूरे घटनाक्रम में भारत सीधे तौर पर इसलिए जुड़ा है क्योंकि हमलों में भारतीय नाविकों की मौत हुई है। भारत के लिए अपने नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापारिक हितों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव नई दिल्ली के लिए चिंता का विषय बन सकता है। फिलहाल निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या कूटनीतिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया सामने आती है।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 13, 2026, 05:40 IST
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