Indore News: इंदौर के 90 से अधिक क्षेत्रों में आ रहा गंदा पानी, पॉश कॉलोनियां भी परेशान, शिकायतों का लगा अंबार
स्वच्छता में नंबर वन इंदौर इन दिनों पीने के पानी के गंभीर संकट से जूझ रहा है। इंदौर के लोग स्वच्छ पेयजल के अपने बुनियादी अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं और प्रशासन की चुप्पी से परेशान हैं। शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के कारण मचे हड़कंप के बाद अब शहर की वीआईपी और पॉश कॉलोनियों से भी शिकायतें आने लगी हैं। लोगों का कहना है कि हम लंबे समय से शिकायतें कर रहे हैं लेकिन कहीं भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों ने नगर निगम की हेल्पलाइन और सोशल मीडिया पर अपने क्षेत्रों के फोटो वीडियो पोस्ट करना शुरू कर दिए हैं। 90 से अधिक क्षेत्रों में गंदा पानी आ रहा है। लोगों ने खुद इसकी जानकारी दी है। यह भी पढ़ें Indore Diarrhea Outbreak: सफाई में अव्वल, पर 'प्यास' जहरीली! देश के सबसे साफ शहर के घरों तक कैसे पहुंची मौत पॉश इलाकों में भी दूषित पानी की दस्तक आमतौर पर माना जाता है कि दूषित पानी की समस्या केवल पिछड़ी बस्तियों तक सीमित होती है लेकिन इंदौर में अब स्नेहलतागंज जैसी पॉश कॉलोनियां भी इसकी चपेट में हैं। यहां के नागरिकों ने शिकायत की है कि पिछले कई दिनों से नलों में काला और दुर्गंधयुक्त पानी आ रहा है। रहवासियों का कहना है कि बार-बार नगर निगम को सूचित करने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। रहवासी नरेंद्र कोठारी ने बताया कि स्थिति इतनी खराब है कि मजबूरी में रोजाना हजारों गैलन दूषित पानी सड़कों पर बहाना पड़ रहा है। पार्षद को शिकायत की तो उन्होंने बताया कि नयापुरा क्षेत्र में ड्रेनेज लाइन का काम चल रहा है। पाइप फूटने से गंदा पानी पेयजल लाइन में मिक्स हो रहा था। सुधार चालू है। महापौर बोले शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो रही महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि नगर निगम की टीमों ने प्रभावित इलाकों से पानी के नमूने लेना शुरू कर दिया है। जहां से भी शिकायत आती है हम तुरंत कार्रवाई कर रहे हैं। जल प्रदाय विभाग की पाइपलाइनों में लीकेज की जांच की जा रही है। नगर निगम में बनी विशेष टीम इंदौर में गंदे पानी की शिकायतों से निपटने के लिए नगर निगम में विशेष टीम का गठन किया गया है। जैसे ही रहवासियों की शिकायत आती है टीम के द्वारा स्थानीय जोन पर शिकायतों को भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा पानी उबालकर पिए सीएमएचओ माधव हसानी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे पानी को उबालकर पिएं और क्लोरीन की गोलियों का उपयोग करें। यदि गले में खराश, बुखार या फिर उल्टी दस्त जैसे लक्षण नजर आते हैं तो देर न करें तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच करवाएं। इंदौर के 90 से अधिक क्षेत्रों में गंदे पानी की शिकायतें आजाद नगर, अन्नपूर्णा क्षेत्र, अमर टेकरी, अखण्ड नगर (60 फीट), अशोक नगर, आस्था पैलेस, अखंड नगर, इंद्र नगर (पंचकुइया रोड), इंद्रपुरी कॉलोनी (भंवरकुआं) कालानी नगर (मुख्य मार्ग और 60 फीट रोड), कबिट खेड़ी, कुशवाह नगर, खजराना, खातीपुरा, कबीट खेड़ी, कंचन नगर, गांधी नगर, गोरी नगर (नया और पुराना), गणेश धाम (बाणगंगा), गीता नगर (धार रोड), गंगा नगर, गोयल नगर, गारीपिपलिया, जय भवानी नगर, जगन्नाथ नगर, जिंसी, जयरमपुर कॉलोनी, जीवन की फैल, जय श्री नगर, तिलक पथ, तीन इमली, तोतला नगर, त्रिवेणी नगर, दुर्गा नगर (पालदा), दिव्य विहार कॉलोनी (उज्जैन रोड), धरमराज कॉलोनी, देवगुराड़िया, द्वारकापुरी (60 फीट), धीरज नगर, देवास नाका, निपानिया, नंदा नगर (रोड नंबर 10), नगीन नगर, नंदबाग, नया बसेरा, नया पीठा (New Price Colony), नौलखा (श्यामा चरण शुक्ला नगर), नैनोद मल्टी, पंचम की फैल, परदेशीपुरा (गली नंबर 6, डमरू उस्ताद चौराहा), पालदा, पाल्हर नगर, पवनपुरी कॉलोनी, पिपल्याहाना, पटनीपुरा, प्रजापत नगर, पिंक सिटी (78 पार्ट 2), पैलेस कॉलोनी, भागीरथपुरा, बाणगंगा, बड़ी भमोरी, बिचौली मर्दाना, बियाबानी, बंगाली चौराहा, बर्फानी धाम (सोलंकी नगर), मरीमाता चौराहा, मालवा मिल, मूसाखेड़ी (एकता नगर, सीताराम पार्क), मेघदूत नगर, महू नाका (समाजवाद नगर), महेश यादव नगर, यादव नगर, रामकृष्ण बाग कॉलोनी (वार्ड 37), राम नगर, राजनगर, राजेंद्र नगर, रणजीत हनुमान क्षेत्र, रोबोट चौराहा, रिद्धि सिद्धि, राणा कॉलोनी, विजय नगर (74C, स्कीम 54), विकास नगर, वीर सावरकर नगर, शिक्षक नगर, शीतल नगर, शिरपुर, श्री राम नगर, स्कीम नंबर 51, स्कीम नंबर 71, स्कीम नंबर 78, सुखदेव नगर, सुखलिया, संगम नगर, सुदामा नगर (D सेक्टर), संविद नगर (कनाड़िया रोड), सन्नी गार्डन, सोमानी नगर, सुंदर नगर एक्सटेंशन (MR 10), सोमनाथ की चाल, एयरपोर्ट रोड और धार रोड के आस-पास की 60 फीट रोड की कई कॉलोनियों से भी शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों में लोगों ने गंदे पानी और उससे जुड़ी कई अन्य गंभीर समस्याओं का भी जिक्र किया है। लोगों की शिकायतों को संक्षिप्त रूप में इन 6 बिंदुओं में समझा जा सकता है - 1. दूषित और बदबूदार पानी: सबसे बड़ी समस्या पानी की गुणवत्ता को लेकर है। लोगों ने बताया कि नलों से काला, पीला और मटमैला पानी आ रहा है जिसमें से सीवरेज (गटर) जैसी भयंकर दुर्गंध आती है। 2. बीमारियों का प्रकोप: गंदा पानी पीने की वजह से घरों में लोग बीमार पड़ रहे हैं। कमेंट्स में पेट दर्द, उल्टी, दस्त (डायरिया) और अन्य जलजनित बीमारियों का जिक्र किया गया है। 3. ड्रेनेज और नर्मदा लाइन का मिलना: कई रहवासियों ने तकनीकी कारण भी बताए हैं। उनका कहना है कि नर्मदा की नई पाइपलाइन डालने के दौरान वह ड्रेनेज लाइन से मिल गई है, जिससे गंदा पानी पीने के पानी में मिक्स हो रहा है। 4. प्रशासनिक अनदेखी: लोगों में नगर निगम और पार्षदों के प्रति काफी गुस्सा है। कई यूजर्स ने लिखा कि वे "शिकायत करते-करते थक गए हैं" लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कुछ ने इसे "नगर निगम की विफलता" बताया है। 5. पानी की कमी और अनियमितता: कुछ क्षेत्रों (जैसे गांधी नगर और स्कीम 78) में समस्या यह है कि पानी आता ही नहीं है या बहुत कम समय (5-10 मिनट) के लिए आता है, और जो आता है वह भी शुरुआत में बहुत गंदा होता है। 6. टंकियों की सफाई का अभाव: कुछ लोगों ने यह मुद्दा भी उठाया कि शहर की पानी की टंकियां साल से साफ नहीं हुई हैं, जिससे सप्लाई होने वाला पानी पहले से ही दूषित होता है।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Dec 31, 2025, 15:58 IST
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