भारत-ओमान व्यापार समझौता आज से लागू: मोदी सरकार का पांचवां बड़ा दांव, बिना टैक्स के बिकेंगे उत्पाद
भारत और ओमान के बीच वृहद आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) एक जून यानी सोमवार से लागू होने जा रहा है। ईरान संकट के बीच इस समझौते से भारत के लिए एक और शुल्क-मुक्त बाजार खुल जाएगा। इससे न सिर्फ भारतीय वस्तुओं और सेवाओं को ओमान के बाजार में अधिक अवसर मिलेंगे, बल्कि दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे एवं द्विपक्षीय कारोबार 10.61 अरब डॉलर से बढ़कर दोगुना होने की उम्मीद है। यह नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में लागू होने वाला पांचवां मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) है। भारत इससे पहले मॉरीशस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ ऐसे समझौते लागू कर चुका है। ब्रिटेन और न्यूजीलैंड के साथ भी व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मौजूदा चुनौतियों के बीच ऊर्जा प्रवाह के लिहाज से ओमान के साथ यह समझौता कई मायने में महत्वपूर्ण है, क्योंकि ईरान-अमेरिका जंग के चलते होर्मुज के रास्ते ऊर्जा आपूर्ति बाधित है। दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता बढ़ती जा रही है। निकट भविष्य में इस मार्ग से आपूर्ति को लेकर संशय बना रहेगा। ऐसे में ओमान के साथ साझेदारी भारत के लिए वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं और खाड़ी देशों से ऊर्जा आपूर्ति प्रवाह को काफी हद तक सुनिश्चित कर सकती है। भारत और ओमान ने वृहद आर्थिक साझेदारी समझौते पर पिछले साल 18 दिसंबर को हस्ताक्षर किए थे। ब्यूरो इन क्षेत्रों के लिए खुलेंगे नए अवसर इस समझौते से इंजीनियरिंग वस्तुओं, दवाएं, कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, समुद्री उत्पाद, वस्त्र, खनिज, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक्स मशीनरी, प्लास्टिक रबर, परिवहन ,घड़ियां, रत्न-आभूषण और कागज जैसे क्षेत्रों में निर्यात के नए अवसर पैदा होंगे। किसानों और खाद्य उद्योग को फायदा भारत से जाने वाली प्राकृतिक शहद, काजू, आलू, बिना हड्डी वाले मांस और बेकरी उत्पादों को ओमान में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। ओमान कई खाद्य उत्पादों पर भी आयात शुल्क खत्म करेगा, जो अभी 5-100 फीसदी तक है। इनमें चीज, दही, दूध एवं क्रीम, फ्रोजन मछली, मक्खन, मांस, ब्रेड, पेस्ट्री, केक, चॉकलेट, शुगर आदि शामिल हैं। व्यापार समझौते से भारत को होने वाले पांच प्रमुख फायदे बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा: भारत को ओमान के 98 फीसदी से ज्यादा उत्पाद श्रेणियों में शुल्क मुक्त पहुंच मिलेगी। यह ओमान के साथ भारत के कुल व्यापार मूल्य का 99 फीसदी हिस्सा कवर करता है। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। बढ़ेगा इंजीनियरिंग निर्यात, जांच से राहत: मशीनरी और मोटर वाहनों पर शुल्क समाप्त होने से भारत से होने वाला इंजीनियरिंग निर्यात 2030 तक 1.6 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। ओमान पहुंचने वाले भारतीय उत्पादों को अनावश्यक जांच से राहत। गैस आपू्र्ति के लिए मिलेगा दूसरा रास्ता: ओमान से गुजरात तक 2,000 किमी लंबे समुद्र के नीचे पाइपलाइन बिछाने पर काम चल रहा है। इससे ऊर्जा आपूर्ति के लिए होर्मुज से इतर दूसरा रास्ता मिल जाएगा। भारतीय दवाओं और वाहनों को मिलेगा बड़ा बाजार: ओमान भारतीय दवाइयों शुल्क मुक्त पहुंच देने जा रहा है। इससे भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए नया अवसर खुलेगा। वाहनों पर 5 फीसदी शुल्क खत्म होने से भारत में बने वाहन ओमान में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे। सेवा क्षेत्र और पेशेवरों के लिए खुलेंगे नए दरवाजे: ओमान ने पहली बार भारतीय पेशेवरों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। इसके तहत, अकाउंटिंग, इंजीनियरिंग, मेडिकल, आईटी, शिक्षा, निर्माण और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों के भारतीय पेशेवरों को ओमान में काम करने के ज्यादा अवसर मिलेंगे। भारतीय कंपनियां अधिक कर्मचारियों को ओमान भेज सकेंगी। ओमान सल्तनत की मूल वस्तुओं पर ही मिलेगी छूट वित्त मंत्रालय ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के तहत ओमान से आयातित वस्तुओं पर सीमा शुल्क रियायत संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना में कहा गया है कि शुल्क छूट तभी मिलेगी, जब आयातक सीमा शुल्क उपायुक्त या सीमा शुल्क सहायक आयुक्त को संतुष्ट कर दे कि जिन वस्तुओं के संबंध में रियायत मांगी जा रही है, वे ओमान सल्तनत की मूल वस्तुएं हैं। एक जून से लागू होने वाले इस समझौते के तहत, भारत अपनी कुल टैरिफ लाइनों (12,556) में से 77.79 फीसदी पर शुल्क में छूट दे रहा है, जो मूल्य के हिसाब से ओमान से भारत के कुल आयात का 94.81% है। भारतीयों को मिलेंगे सस्ते खजूर : भारतीय ग्राहकों को ओमान से खजूर सस्ते मिलेंगे, क्योंकि भारत हर साल 2,000 टन खजूर को शुल्क-मुक्त प्रवेश देगा। भारत ओमान के दो पारंपरिक उत्पादों गम अरेबिका और फ्रैंकइंसेंस पर भी रियायतें दे रहा है। संकट में मदद : होर्मुज बंद होने के बाद कतर और यूएई से एलएनजी की आपूर्ति गड़बड़ाने लगी है। ऐेसे में ओमान ने भारत को एलएनजी आपूर्ति बढ़ा दी। इससे भारत के कुल एलएनजी आयात में ओमान की हिस्सेदारी इस साल मई तक बढ़कर 32 फीसदी के स्तर तक पहुंच गई।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Jun 01, 2026, 02:15 IST
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