Himachal: बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन के पीछे मानवीय गलती भी जिम्मेदार, विशेषज्ञों ने जताई चिंता

हिमाचल में प्राकृतिक आपदा के पीछे कहीं न कहीं मानवीय भूल भी जिम्मेदार है। इस कारण बादल फटने, बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं हो रही हैं और जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। मौहल स्थिल जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान में बुधवार को 12वें हिमालयी व्याख्यान और सालाना कार्यक्रम विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जताई। इस दौरान पूर्व पीसीसीएफ डॉ. गुरिंदरजीत सिंह गोराया ने कहा है कि हिमालयी क्षेत्र में हो रही प्राकृतिक आपदाएं जैसे बादल फटना, बाढ़ आना और भूस्खलन की घटनाएं मानवीय गलती से हो रही हैं। जिसे हम सभी प्राकृतिक आपदा बता रहे हैं। गोराया ने प्राकृतिक आपदाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति घर बना रहा है तो पहले उसके आगे लगे पेड़ को काटा जा रहा है और हम पर्यावरण बचाने की बात करते हैं। इस हालत में हमें पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए पेड़ को बचाना चाहिए और घर को दूसरी जगह बनाना चाहिए। हमें वाटरशेड और वन संरक्षण के लिए एकीकृत तौर पर काम करने की जरूरत है।

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  • Source: www.amarujala.com
  • Published: Sep 11, 2025, 10:22 IST
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