हाईकोर्ट : सिर पर लोहे की रॉड से हमले की कहानी, पोस्टमार्टम में मिले आरपार हुई गोली के निशान
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 साल पहले वाराणसी में हुई हत्या के मामले में अभियोजन की कहानी और सामने आए सुबूतों को लेकर हैरानी जताई। कोर्ट ने पाया कि पुलिस की कहानी में मृतक के सिर पर आईं चोट लोहे की रॉड से हमले की बताई गईं, जबकि पोस्टमार्टम में सिर से गोली के आर-पार होने के निशान मिले। बरामद हथियार पर मिले खून मृतक के ही थे, यह बताने में पुलिस नकाम रही। इसके बावजूद सत्र न्यायालय ने पांच आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुना दी। कोर्ट ने कहा कि यह मामूली अंतर नहीं, हमले के हथियार और तरीके से जुड़ा विरोधाभास है। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा, न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने आरोपी रोहित सिंह, मंटू उर्फ मनीष पांडेय, आशीष सिंह, दीपु सिंह उर्फ बॉक्सर और आशुतोष पांडेय की अपील स्वीकार कर ली। साथ ही उन्हें उम्रकैद से बरी कर जेल में बंद रोहित सिंह और आशीष सिंह को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। वहीं, स्पष्ट किया कि मंटू उर्फ मनीष पांडेय, दीपु सिंह उर्फ बॉक्सर और आशुतोष पांडेय पहले से जमानत पर थे। इसलिए उन्हें आत्मसमर्पण नहीं करना होगा। अभियोजन के अनुसार 22 मई 2014 को चोलापुर क्षेत्र में सोनू उर्फ मोहम्मद मुश्ताक पर आरोपियों ने हमला किया था। आरोप था कि आशीष और रोहित ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार किए, जबकि मंटू, आशुतोष हथियार लेकर खड़े थे और अन्य आरोपियों को हत्या के लिए उकसा रहे थे।
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- Source: www.amarujala.com
- Published: Aug 22, 2026, 20:22 IST
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